सोलर पैनल कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर की खरीद के नाम पर 57 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। गुरुग्राम आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वितीय ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए ग्रेटर नोएडा से गोयल समूह की कंपनी के मालिक गौरव गोयल को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपित ने लेटर ऑफ क्रेडिट के आधार पर करोड़ों रुपये का भुगतान तो करवा लिया, लेकिन माल की सप्लाई नहीं की और फर्जी दस्तावेजों के सहारे रकम हड़प ली।
लेटर ऑफ क्रेडिट के जरिए रची गई ठगी की साजिश
इस संबंध में 1 जनवरी को गुरुग्राम के सेक्टर-50 थाना में आरएएच इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी।
शिकायत में बताया गया कि गोयल समूह की कंपनियों — एचक्यू लैंप्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी और गोयल लाइटिंग के प्रतिनिधियों ने सोलर पैनल कंपोनेंट्स व सेमीकंडक्टर खरीदने के लिए संपर्क किया था। भुगतान जीएच-2 सोलर लिमिटेड के माध्यम से लेटर ऑफ क्रेडिट से करने का भरोसा दिया गया।
फर्जी बिल और ट्रांसपोर्ट दस्तावेज बनाकर रकम हड़पी
जांच में सामने आया कि आरोपितों ने:
- फर्जी खरीद बिल
- फर्जी ट्रांसपोर्ट बिल
- फर्जी ई-वे बिल
तैयार कर 55.55 करोड़ रुपये का भुगतान लेटर ऑफ क्रेडिट के जरिए करवा लिया, जबकि वास्तव में कोई सामान सप्लाई नहीं किया गया।
चेक बाउंस, कुल 57.22 करोड़ की धोखाधड़ी
पुलिस के अनुसार,
- गोयल लाइटिंग ने ₹35.25 करोड़
- एचक्यू लैंप्स ने ₹26.96 करोड़
के चेक भुगतान के लिए दिए, लेकिन खातों में राशि न होने के कारण सभी चेक बाउंस हो गए।
इस तरह गोयल समूह की कंपनियों ने वीजी इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलीभगत कर कुल 57 करोड़ 22 लाख रुपये की ठगी की।
18 करोड़ रुपये वीजी इलेक्ट्रॉनिक्स के खाते में पहुंचे
गिरफ्तार आरोपित की पहचान गौरव गोयल, निवासी विकास मार्ग, दिल्ली के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वह वीजी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी का मालिक है और अपने पिता राकेश गोयल की कंपनियों — गोयल लाइटिंग और एचक्यू लैंप्स — का कामकाज भी वही संभालता था।
आरोपित ने कबूल किया कि ठगी की गई राशि में से 18 करोड़ रुपये वीजी इलेक्ट्रॉनिक्स के बैंक खाते में ट्रांसफर कराए गए थे।
रिमांड पर लेकर होगी आगे की पूछताछ
गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपित को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इस दौरान:
- अन्य आरोपितों की पहचान
- ठगी की रकम की बरामदगी
- फर्जी दस्तावेजों की जांच
- अन्य संभावित मामलों का खुलासा
किया जाएगा।
