शनिवार को हरियाणा के कारागार मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने भौंडसी जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बंदियों के परिजनों से बातचीत की। मंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार प्रदेश की जेलों में बंदियों की सुरक्षा और सुविधाओं को सुधारने के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठा रही है।

आईटीआई कोर्स से मिलेगी नई दिशा
मंत्री ने घोषणा की कि राज्य की पांच जेलों में आईटीआई कोर्स शुरू किए जा रहे हैं, जिससे बंदियों को न केवल नए कौशल सिखने का मौका मिलेगा, बल्कि उन्हें समाज में वापस लौटने पर रोजगार पाने में भी मदद मिलेगी। इन पांच जेलों में केंद्रीय जेल अंबाला, जिला जेल गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल और पानीपत शामिल हैं। खासकर गुरुग्राम जेल में तीन वर्षीय कंप्यूटर इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स शुरू किया जाएगा। यह कोर्स आईटीआई इंडरी (नूंह) के सहयोग से संचालित होगा, जिसमें ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना भी की गई है।

पंजीकरण की बढ़ी संख्या
अब तक कुल 29 बंदियों ने कंप्यूटर इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स के लिए पंजीकरण कराया है। इसके अलावा, एक साल के प्लंबर कोर्स के लिए 25 बंदियों ने पंजीकरण किया है, वहीं वेल्डिंग और कंप्यूटर एप्लिकेशन कोर्स के लिए भी 25-25 बंदियों ने अपना पंजीकरण करवाया है।
समाज में पुनः समायोजन की दिशा में बड़ी पहल
कारागार मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बंदियों को उनकी रिहाई के बाद बेहतर जीवन जीने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि बंदियों को शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जाए, ताकि वे समाज में वापस लौटने के बाद अपना जीवन सम्मानजनक तरीके से जी सकें।”
हरियाणा सरकार इस पहल को पूरी तरह से प्रदेशभर में लागू करने की योजना बना रही है, जिससे जेलों में बंद सभी कैदियों को बेहतर भविष्य मिल सके।
