हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य तथा पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने फर्रुखनगर में आयोजित 9वें मिशन माटी दीप महोत्सव में गुरुग्राम को देश के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक बताते हुए कहा कि यह हमारी बड़ी चुनौती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे शहर को प्रदूषणमुक्त बनाने में सहयोग करें और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम में मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जहां 5151 दीपों का सामूहिक प्रज्ज्वलन किया गया। इस अवसर पर उन्होंने नगर पालिका फर्रुखनगर कार्यालय और लाइब्रेरी भवन का शिलान्यास भी किया।
स्वदेशी दीयों से मनाएं दिवाली
राव नरबीर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान “वोकल फॉर लोकल” के तहत सभी से अपील की कि इस बार दिवाली स्वदेशी दीयों से मनाई जाए। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों पर खर्च किया गया हर रुपया न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि रोजगार सृजन में भी योगदान देगा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करेगा।

वोकल फॉर लोकल – लोकल फॉर ग्लोबल
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री का ‘वोकल फॉर लोकल – लोकल फॉर ग्लोबल’ दृष्टिकोण आज देशभर में भारी समर्थन पा रहा है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक का नैतिक दायित्व है कि वह स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दे और विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम करे।

दीप जलाकर फैलाएं रोशनी और रोजगार
राव नरबीर सिंह ने कहा कि दिवाली केवल रोशनी और उल्लास का पर्व नहीं है, बल्कि यह आर्थिक आत्मनिर्भरता का उत्सव भी है। जब हम मिट्टी के दीए जलाते हैं, तो सिर्फ अपने घर नहीं, बल्कि देश के लाखों कुम्हार, बढ़ई, हस्तशिल्पी और छोटे व्यापारियों के जीवन में भी उजाला फैलाते हैं।
प्लास्टिक-मुक्त दिवाली का संदेश
मंत्री ने उपस्थित लोगों से अपील की कि इस बार प्लास्टिक-मुक्त दिवाली मनाएं। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के बजाय मिट्टी के दीए, कपड़े के थैले और प्राकृतिक सजावट का इस्तेमाल करें। राज्य सरकार स्वदेशी उद्योगों के विकास के लिए लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा को आत्मनिर्भर और औद्योगिक रूप से मजबूत बनाना सरकार का लक्ष्य है।
इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय मूर्तिकार नरेश कुमावत, नगर पालिका फर्रुखनगर के अध्यक्ष बीरबल सैनी, उप चेयरमैन प्रदीप, संस्था के प्रधान सूरत सिंह, उपप्रधान देवकरण, सचिव दिनेश, सरपंच एसोसिएशन के प्रधान और हाजीपुर के सरपंच धर्मपाल भी मौजूद थे।
