सोहना नगर परिषद की दीपावली पर पूरे शहर को स्ट्रीट लाइटों से जगमग करने की योजना इस बार पूरी तरह धराशायी हो गई है। शहर के सभी 21 वार्डों में 200-200 नई स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना के बावजूद, नगर परिषद के स्टोर रूम में करीब ढाई हजार (2500) नई स्ट्रीट लाइटें ताला बंद पड़ी हैं।

नगर परिषद ने दीपावली के मौके पर शहर को रोशन करने के लिए कुल 5,000 स्ट्रीट लाइटें मंगवाई थीं। इनमें से 2,500 लाइटें स्टोर में रखी हैं, वहीं लगभग 800 लाइटें मरम्मत के लिए आरक्षित करने की योजना थी। लेकिन यह योजना भी अधर में लटक गई।
नगर परिषद ने शहर की करीब 6,400 स्ट्रीट और हाई मास्क लाइटों की मरम्मत का ठेका एक एजेंसी को 48 लाख रुपये में एक साल के लिए दिया था। ठेका लेते समय एजेंसी ने चार टीमें लगाई थीं, लेकिन समय बीतने के साथ मरम्मत का काम धीमा पड़ गया। परिणामस्वरूप, शहर और ग्रामीण क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़कों पर अंधेरा छाया हुआ है।
खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत अभी भी लंबित है। मुख्य मार्ग जैसे बालूदा, लोहटकी, लाखूवास, जखोपुर, सांप की नंगली, सोहना ढाणी और बेरका अब भी अंधेरे में हैं।
नगर परिषद सोहना की कार्यकारी अधिकारी सुमन लता का दावा है कि दीपावली पर शहर रंगीन और रोशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मरम्मत का कार्य सामान्य स्तर पर चल रहा है और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सभी स्ट्रीट लाइटें जलेंगी। लेकिन मौके पर स्थिति इसके विपरीत है और शहरवासी अंधेरे से जूझ रहे हैं।
शहरवासियों का कहना है कि स्ट्रीट लाइटों की धीमी मरम्मत और भंडारण में लटक रही नई लाइटें दीपावली की रोशनी की योजना पर सवाल उठाती हैं।
