गुरुग्राम में इस साल भी छठ पूजा का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। जिला प्रशासन और नगर निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शुक्रवार को नगर निगम ने शहरभर में 20 प्रमुख घाटों का चयन कर लिया है, जहां सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य इंतजामों के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।

नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया की ओर से यह सूची संबंधित विभागों को भेजी गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
25 से 28 अक्टूबर तक चलेगा चार दिवसीय पर्व
इस वर्ष छठ पूजा 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक मनाई जाएगी। यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वांचल के लोगों का प्रमुख त्योहार है। गुरुग्राम में लगभग 5 लाख से अधिक पूर्वांचली प्रवासी लोग निवास करते हैं, इसलिए यहां इसका विशेष महत्व है।
- पहला दिन (25 अक्टूबर): नहाय-खाय — श्रद्धालु पवित्र स्नान कर शुद्ध शाकाहारी भोजन ग्रहण करेंगे।
- दूसरा दिन (26 अक्टूबर): खरना — दिनभर निर्जला व्रत के बाद शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद चढ़ाया जाएगा।
- तीसरा दिन (27 अक्टूबर): संध्या अर्घ्य — सूर्यास्त के समय घाटों पर जल अर्पण किया जाएगा।
- चौथा दिन (28 अक्टूबर): उषा अर्घ्य — उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ व्रत का समापन होगा।
यह व्रत परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और संतान की प्राप्ति के लिए रखा जाता है, जिसमें महिलाएं मुख्य रूप से सहभागी होती हैं।
गुरुग्राम के 20 घाटों की सूची
नगर निगम द्वारा चयनित घाटों में शामिल हैं —
सरस्वती घाट, कम्युनिटी सेंटर कादीपुर, शांति रोड, देवी लाल कॉलोनी, न्यू पालम विहार, बसई तालाब, सेक्टर 2 नगर, राजेंद्र पार्क, धनकोट, लेबर चौक, सेक्टर 5, ओम विहार सेक्टर 23, सेक्टर 15-II, भीम गढ़ खेड़ी, वाटिका सेक्टर 82, शीतला माता पार्किंग, कन्हई, राज एन्क्लेव, शिव एन्क्लेव और सिलोखरा सेक्टर 51।
सफाई, सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान
नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया ने बताया कि सभी घाटों पर सफाई का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। तालाबों और नदियों के किनारों को प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए विशेष टीमें काम कर रही हैं।
- सुरक्षा के लिए पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें तैनात की जाएंगी।
- चिकित्सा कैंप, एम्बुलेंस और अस्थायी ड्रेसिंग रूम तैयार किए जा रहे हैं।
- एलईडी लाइटें लगाई जा रही हैं, ताकि संध्या अर्घ्य के समय घाटों पर पर्याप्त रोशनी बनी रहे।
- ट्रैफिक पुलिस ने ऑप्शनल रूट प्लान तैयार किया है, ताकि श्रद्धालुओं को जाम की समस्या का सामना न करना पड़े।
पर्यावरण के प्रति जागरूकता अभियान
नगर निगम ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे डिस्पोजेबल थालियों और प्लास्टिक के सामान के बजाय पत्तल और मिट्टी के बर्तनों का उपयोग करें। प्रसाद के रूप में ठेकुआ, फल, गन्ना और नारियल का प्रयोग किया जाएगा।
आयुक्त ने बताया, “यह पहली बार है जब इतने व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। हमारा लक्ष्य है कि प्रवासी समुदाय को घर जैसा माहौल मिले और छठ पर्व को स्वच्छ व सुरक्षित बनाया जा सके।”
