हरियाणा विधानसभा में आने वाले समय में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। अब फाइलें कागजों में नहीं, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चलेंगी, विधायकों को मजबूत रिसर्च सपोर्ट मिलेगा और अधिकारियों-कर्मचारियों की हर साल अनिवार्य ट्रेनिंग होगी। इसका खुलासा शुक्रवार को विधानसभा स्पीकर हरविंदर कल्याण ने गुरुग्राम स्थित हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (HIPA) में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान किया।

स्पीकर ने साफ कहा कि विधानसभा को अब 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार पूरी तरह आधुनिक बनाया जा रहा है, ताकि कामकाज में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही तीनों मजबूत हों।
नए विधानसभा भवन पर तस्वीर साफ, तीन विकल्पों पर विचार
नए विधानसभा भवन को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए स्पीकर ने कहा कि केंद्र सरकार से मंजूरी न मिलने की बातें सिर्फ अफवाह हैं। परिसीमन के बाद विधायकों की संख्या बढ़ेगी, ऐसे में बड़े परिसर की जरूरत तय है। सरकार इसको लेकर तीन अलग-अलग विकल्पों पर काम कर रही है और जो सबसे व्यवहारिक होगा, उसी पर आगे तेजी से निर्णय लिया जाएगा।
विधानसभा स्टाफ के लिए पहली बार बना स्थायी प्रशिक्षण ढांचा
इस कार्यक्रम की सबसे अहम घोषणा यह रही कि विधानसभा सचिवालय में पहली बार एनुअल कैपेसिटी बिल्डिंग सिस्टम लागू कर दिया गया है। अब सभी अधिकारी और कर्मचारी हर साल अनिवार्य रूप से ट्रेनिंग लेंगे। स्पीकर ने कहा कि प्रशासनिक कामकाज में लगातार बदलाव हो रहे हैं, ऐसे में स्टाफ को अपडेट रखना बेहद जरूरी है, ताकि सदन की कार्यवाही ज्यादा प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।
हरियाणा विधानसभा बनेगी पूरी तरह डिजिटल
स्पीकर हरविंदर कल्याण ने बताया कि विधानसभा तेजी से पेपरलेस सिस्टम की ओर बढ़ रही है। दस्तावेज, सवाल-जवाब, रिपोर्ट और कार्यवाही अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होंगी। इसके साथ ही AI आधारित सिस्टम को भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वन नेशन, वन विधानमंडल’ की सोच को धरातल पर उतारने की दिशा में मजबूत कदम है।
विधायकों को मिलेगा मजबूत रिसर्च सपोर्ट
विधानसभा सचिवालय में एक आधुनिक रिसर्च सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है। इसके जरिए विधायकों को कानून, बजट और नीतियों से जुड़े तथ्यों पर गहन अध्ययन उपलब्ध कराया जाएगा। स्पीकर ने कहा कि विधानसभा की भूमिका सिर्फ कानून बनाना नहीं है, बल्कि सरकार के खर्च, योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों पर कड़ी निगरानी रखना भी उसकी बड़ी जिम्मेदारी है।
शीतकालीन सत्र को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में
शीतकालीन सत्र की तैयारियों को लेकर स्पीकर ने बताया कि विधानसभा सचिवालय पूरी तरह तैयार है। राज्य सरकार और राज्यपाल की अधिसूचना मिलते ही सत्र की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस दौरान विधानसभा सचिव, अतिरिक्त सचिव, शाखा अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में स्पीकर ने अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे हरियाणा विधानसभा को देश की सबसे आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह विधानसभाओं में शामिल करने के लिए पूरी निष्ठा से काम करें।
