गुरुग्राम में सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल का असर मंगलवार को दूसरे दिन भी साफ दिखा। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMSA) की कॉल पर चल रही इस स्ट्राइक की वजह से जिले भर के सरकारी अस्पतालों में OPD सेवाएँ लगभग ठप हैं और मरीज इलाज के लिए दर–दर भटकते रहे हैं।

OPD में मरीजों की निराशा – कई कमरों पर ताला, कहीं लंबी भीड़
सेक्टर-10 जिला अस्पताल, सोहना, पटौदी और फर्रुखनगर के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में सुबह 8:30 बजे से ही मरीज पहुंचने लगे। लेकिन जब वे घंटों लाइन में खड़े होने के बाद डॉक्टर रूम तक पहुंचे तो ज्यादातर मरीजों को या तो खाली कुर्सी मिली या 50 से ज्यादा लोगों की लाइन।
कई मरीजों ने बताया कि वे दिनभर काम से छुट्टी लेकर आए थे, लेकिन डॉक्टर न मिलने से उन्हें वापस खाली हाथ लौटना पड़ा।
DM ने उठाया कड़ा कदम – अस्पतालों के आसपास धारा 163 लागू
हड़ताल के बढ़ते असर को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट अजय कुमार ने धारा 163 लागू कर दी है।
इसके तहत सिविल अस्पताल, उप-मंडल अस्पतालों, पॉलीक्लिनिक, CHC और PHC के 200 मीटर क्षेत्र में पाँच या अधिक लोगों की भीड़ जुटाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

प्रशासन का कहना है कि हड़ताल से जरूरी स्वास्थ्य सेवाएँ बाधित हो रही हैं और इससे कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। आदेश हड़ताल खत्म होने तक प्रभावी रहेंगे। उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी।
“हालात सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं” – पीएमओ
जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. लोकवीर ने बताया कि पहले दिन स्थिति ज्यादा खराब थी, लेकिन आज कुछ डॉक्टर काम पर लौटे हैं।
उनके मुताबिक:
“OPD को चालू करने के लिए व्यवस्था की जा रही है। कोशिश है कि अस्पताल आने वाले मरीजों को बिना देरी इलाज मिले।”
हड़ताल की जानकारी फैलने से आज मरीजों की संख्या भी थोड़ी कम रही, जिससे अस्पताल प्रशासन को राहत मिली।
