अब नगर निगम में लापरवाही नहीं… 15 जनवरी से बदलेगा पूरा सिस्टम

नगर निगम गुरुग्राम (MCG) अब कामकाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। निगम की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए मोबाइल एप आधारित सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिसके तहत 15 जनवरी से निगम के सभी निरीक्षण, अटेंडेंस और शिकायतों की रिपोर्टिंग अनिवार्य रूप से एप पर होगी।
शुक्रवार को हुई समीक्षा बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि तय समय-सीमा के भीतर सभी विभाग एप बेस्ड सिस्टम पर शिफ्ट हों।

पहले चरण में अधिकारियों पर लागू होगा एप सिस्टम
निगमायुक्त ने बताया कि नगर निगम ने एक नई मोबाइल एप तैयार की है। पहले चरण में इसका उपयोग निगम अधिकारी करेंगे। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली शिकायतें मौके पर ही एप में दर्ज होंगी और समाधान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से ट्रैक की जाएगी।

15 जनवरी के बाद ऑफलाइन निरीक्षण नहीं
प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया कि 15 जनवरी के बाद किसी भी अधिकारी द्वारा किया गया निरीक्षण तब तक मान्य नहीं होगा, जब तक उसे मोबाइल एप पर अपडेट नहीं किया जाएगा। इससे नगर निगम के पास हर शिकायत और निरीक्षण का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा।

एप पर अटेंडेंस नहीं तो सैलरी पर असर
नगर निगम में कार्यरत सहायक सेनेटरी इंस्पेक्टरों की वेतन अदायगी अब मोबाइल एप पर दर्ज अटेंडेंस के आधार पर होगी। यदि कोई कर्मचारी एप पर अपनी दैनिक उपस्थिति दर्ज नहीं करता है, तो उसकी सैलरी प्रभावित होगी। इस फैसले से सफाई व्यवस्था में अनुशासन लाने की तैयारी है।

खाली प्लॉट बने गंदगी के अड्डे तो मालिक जिम्मेदार
शहर में फैली गंदगी पर सख्ती दिखाते हुए निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन विभागों या व्यक्तियों की खाली जमीन पड़ी है, वे उसकी चारदीवारी और सफाई सुनिश्चित करें। ऐसी जमीनों पर कूड़ा पाए जाने पर संबंधित मालिक को नोटिस जारी किया जाएगा और सफाई का खर्च भी उसी से वसूला जाएगा।

तकनीक से बढ़ेगी जवाबदेही: निगमायुक्त
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम नागरिक सेवाओं को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मोबाइल एप के जरिए शिकायत दर्ज होने से लेकर समाधान तक की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी, जिससे लापरवाही करने वालों की जवाबदेही तय होगी।
उन्होंने कहा कि एप आधारित अटेंडेंस से सफाई व्यवस्था और मजबूत होगी और शहर को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी। नगर निगम का लक्ष्य है कि तकनीक के जरिए नागरिकों को तेज और बेहतर सेवाएं दी जाएं।

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