गुरुग्राम में आम आदमी के लिए घर खरीदने का सपना एक बार फिर झटका खा गया है। हरियाणा सरकार द्वारा बाह्य विकास शुल्क (EDC) में 10 फीसदी की बढ़ोतरी किए जाने के बाद शहर के रियल एस्टेट बाजार में कीमतों के और बढ़ने की आशंका गहरा गई है।

इस फैसले का सबसे ज्यादा असर गुरुग्राम और फरीदाबाद पर पड़ा है। संशोधित दरों के मुताबिक, प्रदेश में सबसे ऊंचा EDC अब गुरुग्राम में वसूला जाएगा, जिससे फ्लैट, प्लॉट और कमर्शियल प्रॉपर्टी पहले से ज्यादा महंगी होना तय है।
गुरुग्राम में EDC ने तोड़ा रिकॉर्ड
नई दरों के अनुसार,
- प्लाटेड कॉलोनियों में EDC 1.37 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच गया है।
- वहीं ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में यह शुल्क 5.49 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तय किया गया है।
रियल एस्टेट जानकारों का कहना है कि इतनी बड़ी रकम का बोझ बिल्डर खुद नहीं उठाएंगे, बल्कि इसे सीधे खरीदारों पर ट्रांसफर किया जाएगा।
मिडिल क्लास पर सीधा असर
EDC बढ़ने से सबसे ज्यादा मार मध्यम वर्ग पर पड़ेगी। पहले से ही ऊंची कीमतों, महंगे होम लोन और बढ़ती महंगाई से जूझ रहे खरीदारों के लिए अब गुरुग्राम में घर लेना और मुश्किल हो जाएगा।
नए प्रोजेक्ट्स होंगे और महंगे
प्रॉपर्टी सलाहकारों का कहना है कि आने वाले समय में
- नए रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स की लॉन्च कीमतें ज्यादा होंगी,
- साथ ही कमर्शियल और ऑफिस स्पेस के दाम भी बढ़ेंगे।
इसका मतलब साफ है कि EDC में हुई बढ़ोतरी का असर पूरे रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ेगा।
घर का सपना फिर दूर
कुल मिलाकर, EDC में 10 फीसदी की बढ़ोतरी ने गुरुग्राम में घर खरीदने के सपने को और दूर कर दिया है। अब देखना होगा कि सरकार इस फैसले पर कोई राहत देती है या फिर खरीदारों को महंगे घरों के साथ ही समझौता करना पड़ेगा।
