नगर निगम की लापरवाही का एक और उदाहरण फर्रुखनगर के फाजिलपुर मोड़ पर देखने को मिल रहा है। विशाल मेगा मार्ट के सामने पिछले करीब दो सप्ताह से सीवर का गंदा पानी सड़क पर जमा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है।

सीवर ओवरफ्लो होने से पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो चुकी है। हालात इतने खराब हैं कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। दुपहिया वाहन चालक रोज फिसलकर गिर रहे हैं और कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं।
बदबू और गंदगी में चल रहा कारोबार
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि उन्हें बदबूदार सीवर के पानी के बीच खड़े होकर दुकानदारी करनी पड़ रही है। इस क्षेत्र में मिठाई, मोमोज, अंडा, चाय, मेडिकल स्टोर, बिरयानी और मोबाइल की कई दुकानें हैं, लेकिन गंदगी और बदबू के कारण ग्राहक आने से कतरा रहे हैं। दुकानदारों का कारोबार लगभग ठप हो गया है।
शिकायत के बाद भी नहीं पहुंचे कर्मचारी
दुकानदारों ने बताया कि शुक्रवार को संबंधित विभाग में शिकायत दी गई थी। जेई भूपेंद्र ने रात में समस्या ठीक कराने का भरोसा दिलाया, लेकिन न तो कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचा और न ही कोई काम हुआ। दो दिन बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
गंदे पानी में उतरकर जताया विरोध
शनिवार को नाराज दुकानदारों और स्थानीय लोगों का सब्र जवाब दे गया। उन्होंने सीवर के गंदे पानी में खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दुकानदारों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर 24 घंटे के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
टूटे सीवर ढक्कन, बड़े हादसे की आशंका
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में कई सीवर के ढक्कन टूटे पड़े हैं, जो किसी भी समय जानलेवा हादसे का कारण बन सकते हैं। लोगों का कहना है कि शायद विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है, तभी इतनी गंभीर समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सीवर की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, टूटे ढक्कनों को तुरंत बदला जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से राहत मिल सके।
