भोंडसी गांव और मारुति कुंज क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। वर्षों से गंदे पानी की निकासी की समस्या झेल रही मारुति कुंज की 32 कॉलोनियों को अब जल्द ही इससे मुक्ति मिलने वाली है। भोंडसी गांव स्थित सीता राम मंदिर की भूमि पर 6 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया जाएगा, जिस पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इस एसटीपी के शुरू होने से करीब एक लाख से अधिक आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। ये सभी कॉलोनियां नगर निगम गुरुग्राम के वार्ड नंबर 19 में आती हैं।
जनप्रतिनिधियों ने किया निर्माण कार्य का शुभारंभ
सोमवार को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास विधायक तेजपाल तंवर और नगर निगम गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा ने संयुक्त रूप से किया। शिलान्यास समारोह में स्थानीय पार्षद और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

विधायक तेजपाल तंवर ने कहा कि मारुति कुंज क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना समय की मांग है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में कॉलोनियों में करोड़ों रुपये की लागत से बिजली व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी बेहतर की जाएंगी। भोंडसी गांव के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
विकास न होने से हुआ नुकसान
विधायक ने पंचायत काल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पंचायत के खाते में पर्याप्त धनराशि थी, लेकिन विकास कार्यों में उसका सही उपयोग नहीं हो सका। परिणामस्वरूप वह राशि पंचायत से निकलकर अन्य स्थानों पर चली गई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एसटीपी निर्माण को लेकर यदि कुछ लोग असंतोष जताते हैं, तो उन्हें समझना चाहिए कि यह परियोजना पूरे क्षेत्र के हित में है।
धन की कमी नहीं, प्राथमिकता पर होंगे जनहित के काम
मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि सरकार के पास विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध है। जो भी कार्य जनसुविधा से जुड़े होंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर निगम क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जाएगा।
7 एकड़ भूमि पर बनेगी कई सुविधाएं
वार्ड पार्षद अमित भड़ाना ने जानकारी दी कि जिस भूमि पर एसटीपी बनेगा, वह करीब 7 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है। यहां एसटीपी के अलावा भविष्य में डिस्पेंसरी, मंदिर और अन्य जनकल्याणकारी सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा।
एसटीपी के निर्माण से क्षेत्र में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
