नगर निगम गुरुग्राम (MCG) की स्वच्छ गुरुग्राम योजना के दावे शहर में खोखले साबित हो रहे हैं। सेक्टर-22 और डूंडाहेड़ा इलाके में कूड़ा उठाने के नाम पर खुलेआम अवैध वसूली का खेल चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह सब उस वक्त हो रहा है, जब निगम खुद कह चुका है कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन पूरी तरह निशुल्क है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कूड़ा उठाने वाले लोग हर घर से 80 से 200 रुपये महीने तक जबरन वसूल रहे हैं। पैसे न देने पर कूड़ा नहीं उठाया जाता, जिससे लोग मजबूरी में भुगतान कर रहे हैं।
फर्जी रसीदों से किया जा रहा है गुमराह
वसूली करने वाले लोग खुद को अधिकृत दिखाने के लिए बाकायदा रसीदें काट रहे हैं। इन रसीदों पर बिमल राज नामक एजेंसी का नाम छपा हुआ है, जो पिछले साल तक नगर निगम के लिए काम कर चुकी थी।
जब इस मामले में बिमल राज कंपनी के मालिक से संपर्क किया गया तो उन्होंने साफ कहा:
हमारा नगर निगम से कोई मौजूदा अनुबंध नहीं है। ये रसीदें फर्जी हैं और हमारे नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
कंपनी ने ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात भी कही है।
पैसे नहीं दिए तो घर के सामने नहीं रुकती गाड़ी
इलाके के निवासियों का कहना है कि जो लोग पैसे देने से इनकार करते हैं, उनके घरों के सामने कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां जानबूझकर नहीं रुकतीं। कूड़ा सड़कों पर जमा होने लगता है और मजबूरी में लोगों को पैसे देने पड़ते हैं।
लोगों का आरोप है कि उन्हें यह कहकर डराया जाता है कि यह “निगम का चार्ज” है, जबकि हकीकत में ऐसा कोई शुल्क है ही नहीं।
निगम नियम साफ, फिर कौन करा रहा वसूली?
नगर निगम गुरुग्राम के नियम बिल्कुल स्पष्ट हैं:
- डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन पूरी तरह फ्री है
- निगम ने सीमित समय के लिए चार एजेंसियों को यह काम सौंपा है
- किसी भी व्यक्ति या एजेंसी को कैश वसूली की अनुमति नहीं है
इसके बावजूद सवाल यह है कि
- ये लोग किसके संरक्षण में वसूली कर रहे हैं?
- निगम के अधिकारी और सुपरवाइजर मौके पर जांच क्यों नहीं कर रहे?
आयुक्त को ज्ञापन सौंपने की तैयारी
सेक्टर-22 और डूंडाहेड़ा के निवासियों ने अब इस मुद्दे पर संयुक्त समिति बना ली है। समिति जल्द ही नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर:
- अवैध वसूली की जांच
- फर्जी रसीद काटने वालों पर कार्रवाई
- जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही
की मांग करेगी।
लोगों का साफ कहना है कि अगर निगम फ्री सेवा का दावा करता है, तो उसे यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कोई माफिया आम लोगों को लूट न सके।
