गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के लिए निजी जमीन अधिग्रहण को लेकर जिला प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। मंगलवार को लघु सचिवालय में डीसी अजय कुमार की अध्यक्षता में भूमि क्रय समिति (एलपीसी) की अहम बैठक हुई।

बैठक में मेट्रो कॉरिडोर-एक और प्रस्तावित डिपो के लिए चिन्हित निजी जमीन की संयुक्त जांच और स्वामित्व सत्यापन पर चर्चा हुई। डीसी ने भूमि अर्जन अधिकारी को निर्देश दिए कि यह प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाए।
भूमि अर्जन अधिकारी ने बताया कि जमीन की साइट जांच और कागजात सत्यापन में लगभग सात दिन लगेंगे। इसके बाद भूमि क्रय समिति की अगली बैठक 11 फरवरी को होगी, जिसमें अधिग्रहण को लेकर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासन ने साफ किया कि भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत जारी की जाएगी।
डीसी अजय कुमार ने गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड को निर्देश दिए कि कॉरिडोर-दो से जुड़ी जमीन का पूरा विवरण जल्द प्रशासन को सौंपा जाए, ताकि दोनों कॉरिडोर के लिए अधिसूचना एक साथ जारी हो सके।
नौ सदस्यीय समिति देखेगी अधिग्रहण
गुरुग्राम मेट्रो के लिए निजी जमीन खरीद की निगरानी डीसी की अध्यक्षता में गठित नौ सदस्यीय भूमि क्रय समिति करेगी। समिति में जीएमडीए, नगर निगम, राजस्व, नगर नियोजन, लोक निर्माण, सिंचाई विभाग और जीएमआरएल के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
जरूरत पड़ने पर कृषि और वन विभाग के अधिकारियों को भी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा, ताकि जमीन, पेड़ों और अन्य संपत्तियों का सही मूल्यांकन हो सके।
