शहर को स्वच्छ बनाने के लिए मानेसर नगर निगम ने कड़ा रुख अपना लिया है। अब अगर किसी किरायेदार ने खुले में कचरा फेंका तो कार्रवाई सीधे मकान मालिक पर होगी। नगर निगम आयुक्त प्रदीप सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चालान नहीं भरने पर संबंधित मकान को सील करने तक की कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को सख्त चेतावनी
शुक्रवार को हुई सफाई विभाग की समीक्षा बैठक में आयुक्त ने कहा कि शहर की स्वच्छता से समझौता नहीं होगा। किसी भी वार्ड में खुले में कूड़ा मिलने पर संबंधित सफाई निरीक्षक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। अधिकारियों और एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।
सोमवार से 15 दिन का विशेष अभियान
नगर निगम सोमवार से 15 दिनों का विशेष सफाई अभियान शुरू करने जा रहा है। इस दौरान:
- हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी
- कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी
- लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी
- प्रशासन का लक्ष्य मानेसर को साफ, सुंदर और कचरा मुक्त बनाना है।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर शिकंजा
नगर निगम ने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ भी अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। दुकानों, होटलों और बाजारों में प्लास्टिक की थैलियां, कप और प्लेट बेचने या इस्तेमाल करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। नियमित जांच अभियान चलाया जाएगा।
सोहना में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू
वहीं सोहना नगर परिषद ने भी सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। परिषद क्षेत्र के 17 हजार घरों से अब रोजाना कूड़ा उठाया जाएगा।
कार्यकारी अधिकारी सुनील कुमार रंगा ने बताया कि एजेंसी को पांच साल के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण का ठेका दिया गया है। एजेंसी 15 मार्च से 47 वाहनों के साथ काम शुरू करेगी। इस अवधि में परिषद एजेंसी को करीब 10 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
गुरुग्राम में अब सफाई को लेकर सख्ती का दौर शुरू हो चुका है। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने वालों पर सीधे कार्रवाई होगी — चाहे वह किरायेदार हो, मकान मालिक या संबंधित अधिकारी।
