फिलीपींस-कंबोडिया से जुड़ा कनेक्शन… Gurugram में आखिर पकड़ा क्या गया?

गुरुग्राम में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया।

गुरुग्राम पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने डीएलएफ फेज-3 के चक्करपुर इलाके में छापा मारकर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। मौके से ऐसे उपकरण बरामद हुए, जिनसे हर दिन हजारों लोगों को निशाना बनाया जा रहा था।

एक कमरे से चल रहा था पूरा खेल

पुलिस ने यू-ब्लॉक में छापेमारी के दौरान 13 सिम बॉक्स, 500 से ज्यादा सिम कार्ड, वाई-फाई कैमरे, राउटर, बैटरियां और अन्य नेटवर्किंग उपकरण बरामद किए।

इन मशीनों के जरिए फर्जी कॉल्स को डायवर्ट कर लोगों को ठगा जाता था। एक तरह से यह पूरा सेटअप “मिनी कॉल सेंटर” की तरह काम कर रहा था।

5 आरोपी गिरफ्तार, अलग-अलग राज्यों से कनेक्शन

इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी अलग-अलग राज्यों से हैं और मिलकर इस बड़े नेटवर्क को चला रहे थे।

विदेश से चल रहा था ऑपरेशन

जांच में सामने आया कि इस गिरोह के तार सीधे फिलीपींस और कंबोडिया से जुड़े हुए हैं। अवैध उपकरण पहले फिलीपींस से नेपाल पहुंचते थे, फिर वहां से बिहार के रास्ते भारत में सप्लाई किए जाते थे। गिरोह के सदस्य सीधे विदेश में बैठे मास्टरमाइंड के संपर्क में थे।

क्रिप्टोकरेंसी से होता था पैसा ट्रांसफर

ठगी से कमाए गए पैसे को छिपाने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल किया जाता था। इससे पुलिस के लिए ट्रांजैक्शन ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था।

डिजिटल अरेस्ट और साइबर स्लेवरी का खुलासा

सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि यह गिरोह सिर्फ ऑनलाइन ठगी तक सीमित नहीं था। जांच में सामने आया कि यह “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए तरीके से लोगों को डराकर पैसा वसूलता था। इतना ही नहीं, कुछ युवकों को कंबोडिया भेजकर उनसे जबरन साइबर अपराध भी करवाए जा रहे थे—जिसे साइबर स्लेवरी कहा जाता है।

हजारों फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल
आरोपियों ने 2000 से ज्यादा फर्जी सिम कार्ड एक्टिव कर रखे थे, जिनके जरिए लगातार लोगों को कॉल कर ठगी की जाती थी।

पुलिस की जांच जारी

गुरुग्राम पुलिस अब इस पूरे इंटरनेशनल नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि इस गिरोह के और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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