हरियाणा में दमकल विभाग के कर्मचारियों और सरकार के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। 12 दिनों से जारी हड़ताल अब और तेज हो गई है। नाराज दमकल कर्मियों ने अपनी हड़ताल को 3 दिन के लिए और बढ़ा दिया है और साफ चेतावनी दी है—अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन अनिश्चितकालीन हो जाएगा।

सड़कों पर उतरे कर्मचारी, सरकार के खिलाफ नारेबाजी
रविवार को हड़ताल के 12वें दिन कर्मचारियों ने खुलकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला प्रधान साहुन खान की अगुवाई में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी 22 सूत्रीय मांगों को तुरंत लागू करने की मांग उठाई।
“बिना ट्रेनिंग लोगों से आग बुझवाना खतरनाक”
साहुन खान ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फायर ब्रिगेड जैसे संवेदनशील काम में बिना ट्रेनिंग वाले युवाओं और रोडवेज चालकों से काम लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा—यह सीधे तौर पर जनता की जान से खिलवाड़ है।
हीरो होंडा चौक स्थित ओरिएंट क्राफ्ट कंपनी में लगी भीषण आग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में प्रशिक्षित स्टाफ का होना बेहद जरूरी है।
फरीदाबाद अग्निकांड बना बड़ा मुद्दा
कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग फरीदाबाद अग्निकांड से जुड़ी है। यूनियन ने मांग की है:
- शहीद दमकल कर्मियों के परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा
- परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
- घायल कर्मचारियों को ₹5 लाख मुआवजा और फ्री इलाज
पक्की नौकरी और 5000 रुपये जोखिम भत्ता की मांग
आंदोलन कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांगें:
- 2268 पदों पर कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए
- समान काम का समान वेतन लागू हो
- हर महीने ₹5000 जोखिम भत्ता (पुलिस की तर्ज पर)
अन्य मांगें भी शामिल
- पुरानी पेंशन योजना बहाल हो
- वर्दी और धुलाई भत्ता बढ़ाया जाए
- मेडिकल भत्ता समय पर मिले
- विभाग के निजीकरण पर रोक लगे
आंदोलन और बढ़ सकता है
दमकल कर्मचारियों को नगर निगम कर्मचारियों का भी समर्थन मिल रहा है। यूनियन ने साफ कहा है कि अगर सरकार ने जल्द बातचीत नहीं की, तो यह आंदोलन राज्यव्यापी और अनिश्चितकालीन रूप ले सकता है।
