सर्दी बढ़ने वाली है और इसके साथ ही सड़कों पर कोहरा भी परेशानी बढ़ाएगा। लेकिन गुरुग्राम में खतरा सिर्फ धुंध का नहीं है! कहीं सड़क पर गड्ढे हैं, कहीं स्ट्रीट लाइट नहीं है, तो कहीं सड़क की लाइनें तक साफ नजर नहीं आतीं। ऐसे में रात के समय और घने कोहरे में सफर करना जानलेवा साबित हो सकता है।
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस के सर्वे में दिल्ली-जयपुर हाईवे और गुरुग्राम-सोहना हाईवे समेत 48 स्थानों पर हादसों की आशंका सामने आई है। अब इन खामियों को दूर करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने एनएचएआई, जीएमडीए और नगर निगम को पत्र लिखा है।

दिल्ली-जयपुर हाईवे से सोहना रोड तक, कहां-कहां है खतरा?
ट्रैफिक पुलिस के सर्वे में कई ऐसे स्थान सामने आए हैं, जहां सड़क सुरक्षा से जुड़ी कमियां हादसों का खतरा बढ़ा सकती हैं। इनमें हाईवे, फ्लाईओवर, अंडरपास, चौराहे और दूसरी प्रमुख सड़कें शामिल हैं। खास तौर पर खेड़की दौला टोल प्लाजा, बिनौला फ्लाईओवर, झाड़सा फ्लाईओवर, हीरो होंडा चौक, मानेसर बस स्टैंड, आईएमटी चौक, पचगांव चौक, बिलासपुर चौक, वाटिका चौक और एंबियंस मॉल के आसपास के स्थानों को लेकर ध्यान देने की जरूरत बताई गई है।
इसके अलावा राजनगर मोड़, टेरीसाप कट, टाटा पास्को चौक, झाड़सा चौक, हरिनगर-नाहरपुर अंडरपास, धुनैला फ्लाईओवर, अलीपुर मोड़ और बादशाहपुर-टीकली मोड़ समेत अन्य स्थान भी सूची में शामिल हैं।
कहीं गड्ढे, कहीं अंधेरा, तो कहीं गायब हैं सड़क की लाइनें
कोहरे के दौरान सड़क पर दिखाई देना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सड़क पर मौजूद छोटी-सी कमी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। ट्रैफिक पुलिस ने संबंधित विभागों से कहा है कि सड़कों पर बने गड्ढों को ठीक किया जाए। जिन स्थानों पर सड़क की सफेद लाइनें मिट गई हैं, वहां दोबारा रेट्रो-रिफ्लेक्टिव मार्किंग की जाए, ताकि वाहन चालकों को रास्ता साफ दिखाई दे सके।
इसके अलावा चौराहों, अंडरपास और संवेदनशील स्थानों पर स्ट्रीट लाइट लगाने, चेतावनी बोर्ड और दिशा सूचक बोर्ड लगाने के साथ डिवाइडर पर रिफ्लेक्टर लगाने के सुझाव भी दिए गए हैं। जहां सड़क के बीच पेड़ या बिजली के खंभे हैं, वहां रिफ्लेक्टर टेप लगाने को कहा गया है। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर फ्लाईओवर निर्माण के कारण बने डायवर्जन के आसपास भी जरूरी संकेतक और ब्लिंकर लगाने की जरूरत बताई गई है।
बादशाहपुर से भोंडसी तक सर्विस रोड पर अतिक्रमण
गुरुग्राम-सोहना हाईवे की सर्विस रोड पर अतिक्रमण भी बड़ी समस्या बना हुआ है। सुभाष चौक से भोंडसी तक कई जगह सड़क के दोनों ओर रेहड़ियां और दुकानें लगी हुई हैं। खासकर बादशाहपुर के आसपास अतिक्रमण के कारण वाहनों के निकलने के लिए जगह कम हो जाती है।
रेहड़ियों से सामान खरीदने के लिए लोग अपने वाहन सड़क पर खड़े कर देते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है। कई जगह वाहनों को केवल एक लेन से निकलना पड़ता है। जीएमडीए के डीटीपी आरएस बाठ के अनुसार, गुरुग्राम-सोहना रोड को अतिक्रमणमुक्त करने के लिए जल्द अभियान चलाया जाएगा।
कोहरे में हादसों का खतरा कितना गंभीर?
सड़क परिवहन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में वर्ष 2022 में कोहरे के कारण 34,262 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जबकि 2023 में यह संख्या 34,266 रही। इन दोनों वर्षों में क्रमशः 14,583 और 14,617 लोगों की मौत हुई। ये आंकड़े बताते हैं कि कोहरे के दौरान सड़क सुरक्षा में लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है।
NHAI और जीएमडीए ने क्या कहा?
एनएचएआई के परियोजना अधिकारी योगेश तिलक के अनुसार, दिल्ली-जयपुर हाईवे और गुरुग्राम-सोहना हाईवे को कोहरे में सुरक्षित बनाने के लिए काम किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस ने जिन स्थानों पर कमियां बताई हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। वहीं, जीएमडीए की ओर से गुरुग्राम-सोहना रोड को अतिक्रमणमुक्त करने के लिए अभियान चलाने की बात कही गई है।
