गुरुग्राम – छह साल से गुरुग्राम की सांसें रोकने वाला बंधवाड़ी लैंडफिल का कूड़े का पहाड़ अब ढहने को तैयार है। गुरुवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में हुई सुनवाई के दौरान नगर निगम गुरुग्राम ने दावा किया कि फरवरी 2026 तक 12 लाख टन कचरा पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

डेडलाइन पर डेडलाइन, अब मिली नई तारीख
पहले दिसंबर 2024, फिर जुलाई 2025 – दो बार डेडलाइन तय हुई लेकिन दोनों बार कचरा निपटाने वाली एजेंसियां फेल हो गईं। नतीजा, वर्क ऑर्डर कैंसिल और काम अधूरा।
मामला एनजीटी में पिछले छह साल से लटका है, क्योंकि लैंडफिल से निकलने वाला लीचेट पास के जंगल और गांवों में घुसकर प्रदूषण फैला रहा है।
भूजल भी खतरे में
छह मई 2024 को हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बंधवाड़ी, मांगर, बालोला-बालियावास, ग्वाल पहाड़ी और मांडी गांव से बोरवेल का पानी जांचा।
रिपोर्ट एनजीटी में पेश हुई, लेकिन नतीजे संतोषजनक नहीं पाए गए।
कूड़े का पूरा हिसाब
- जनवरी 2023: 30.43 लाख टन कचरा मौजूद
- 2023 में आया: 6.06 लाख टन
- 2024 (21 नवंबर तक) आया: 5.84 लाख टन
- अब तक कुल डाला गया: 42.33 लाख टन
- 2024 (21 नवंबर तक) निस्तारित: 17.16 लाख टन
- कुल निस्तारण: 33.66 लाख टन
- अब बाकी: 12 लाख टन
रोज 1200 टन कचरा और नई योजना
गुरुग्राम से रोजाना 1200 टन से ज्यादा कचरा बंधवाड़ी में पहुंच रहा है।
इसके समाधान के लिए बंधवाड़ी और फरीदाबाद के मोठूका में 500-500 करोड़ रुपये के हरित कोयला (चारकोल) प्लांट लगाने की योजना है। इन प्लांट्स में 1500-1500 टन कचरा चारकोल में बदलेगा।
दोनों शहरों के नगर निगम 20-20 एकड़ जमीन देंगे और एनटीपीसी ये प्लांट बनाएगा। लेकिन बंधवाड़ी में अभी 20 एकड़ खाली जमीन नहीं है।
