गुरुग्राम में बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर पर्यावरण नियमों के लगातार उल्लंघन को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाई है। अधिकरण ने पर्यावरण संरक्षण में लापरवाही पर ₹50 हजार का जुर्माना लगाया है। साथ ही हरियाणा के प्रधान सचिव (पर्यावरण) को अगली तारीख 16 दिसंबर को वर्चुअल माध्यम से पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।

लीचेट रिसाव से गांव और खेती को नुकसान
एनजीटी ने पाया कि कचरे से निकलने वाला जहरीला तरल लीचेट अभी भी रिस रहा है और यह बंधवाड़ी गांव के नजदीकी क्षेत्रों तक फैलने लगा है। इससे खेती योग्य भूमि प्रदूषित हो रही है और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ रहा है।
14 अगस्त 2025 की संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार:
- लैंडफिल परिसर के भीतर लीचेट खुले में बह रहा है
- यह कच्चे नालों से पौधारोपण व वन क्षेत्र तक पहुंच रहा है
- नगर निगम गुरुग्राम ने अभी तक गारलैंड ड्रेन का निर्माण पूरा नहीं किया
जबकि यह कार्य एनजीटी के आदेशों में शामिल था।
अनुपालन में लापरवाही पर नाराज़गी
आवेदक की ओर से यह मुद्दा रखा गया कि जहरीला पानी ग्रामीणों के खेतों में जमा हो रहा है और उनकी जमीन की उर्वरता घट रही है। इस पर अधिकरण ने अधिकारियों को तत्काल सत्यापन और सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
6.3 करोड़ में से 3.5 करोड़ वसूली बाकी
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि:
- बंधवाड़ी लैंडफिल पर ₹6.3 करोड़ पर्यावरण मुआवजा लगाया गया
- जिसमें से ₹3.5 करोड़ अभी भी वसूल नहीं हुआ
इसके अलावा, संबंधित अधिकारी अनुपालन हलफनामा भी दाखिल नहीं कर पाए हैं, जिस पर एनजीटी ने कड़ी आपत्ति जताई है।
बंधनवाड़ी लैंडफिल लंबे समय से विवादों और विरोध का केंद्र रहा है। स्थानीय लोग कचरे और प्रदूषण से परेशान हैं। अब एनजीटी ने स्पष्ट कर दिया है कि आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
