गुरुग्राम। बंधवाड़ी टोल प्लाजा पर टोल वसूली का कॉन्ट्रैक्ट आगामी 31 मई 2026 को समाप्त होने जा रहा है। टोल कंपनी और लोक निर्माण विभाग (PWD) के बीच हुआ यह अनुबंध खत्म होने के बाद वाहन चालकों को टोल टैक्स और ट्रैफिक जाम दोनों से राहत मिलने की संभावना बढ़ गई है।

PWD अधिकारियों के अनुसार फिलहाल टोल कंपनी का अनुबंध आगे बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। ऐसे में प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने वाले करीब 50 से 60 हजार वाहन चालकों को बड़ी राहत मिल सकती है।
रोजाना 60 हजार से अधिक वाहन करते हैं आवाजाही
गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड शहर के प्रमुख मार्गों में से एक है। इस रोड से प्रतिदिन 50 से 60 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। इनमें अधिकतर वाहन गुरुग्राम और फरीदाबाद के स्थानीय यात्रियों के होते हैं, जबकि अन्य इलाकों में दिल्ली के वाहनों की संख्या अधिक रहती है।
पिछले कई वर्षों से टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम से लोग परेशान हैं। हालांकि फास्टैग सुविधा शुरू होने के बाद कुछ हद तक राहत मिली है, लेकिन जाम की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
टोल हटने से जाम और प्रदूषण में कमी की उम्मीद
वर्तमान में कार चालकों से एक तरफ के लिए 40 रुपये टोल टैक्स वसूला जाता है, जबकि 24 घंटे के भीतर आने-जाने के लिए 60 रुपये देने पड़ते हैं।
यदि टोल प्लाजा हटाया जाता है तो नौकरीपेशा लोगों के साथ-साथ आपातकालीन वाहनों को भी राहत मिलेगी। लगातार लगने वाले जाम के कारण ईंधन की खपत और प्रदूषण दोनों बढ़ते हैं। टोल हटने से ट्रैफिक सुचारू होने और पर्यावरणीय लाभ की भी उम्मीद है।
PWD ने अनुबंध बढ़ाने से किया इनकार
PWD के कार्यकारी अभियंता चरणदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि मुख्यालय स्तर पर टोल कंपनी का अनुबंध आगे बढ़ाने पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है। टोल समाप्ति की सूचना सरकार को भेजी जाएगी और अंतिम निर्णय प्रदेश सरकार द्वारा लिया जाएगा।
अतुल कटारिया चौक अंडरपास पर शेड लगाने में देरी, ठेकेदार से मांगा जवाब
वहीं, अतुल कटारिया चौक के अंडरपास पर शेड लगाने का कार्य लगातार देरी का शिकार हो रहा है। निर्माण कार्य तय समयसीमा में पूरा नहीं होने पर ठेकेदार से जवाब तलब किया गया है।
एक ओर शेड का काम अभी अधूरा है, जबकि दूसरी ओर निर्माण कार्य जारी है। ट्रैफिक विभाग ने एक सप्ताह की अनुमति दी थी, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका है।
PWD द्वारा करीब चार करोड़ रुपये की लागत से यह कार्य नवंबर 2026 में शुरू किया गया था। अंडरपास के दोनों ओर लोहे के पिलर खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन ऊपर शेड लगाने में ट्रैफिक बाधा बन रही थी। फिलहाल सिग्नेचर टावर की ओर से माता रोड जाने वाले वाहनों को अंडरपास के ऊपर से डायवर्ट किया जा रहा है।
PWD के कार्यकारी अभियंता सुनील कुमार ने कहा कि कार्य में देरी को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित ठेकेदार से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
