एक ऐप, 20 सिम कार्ड और हजारों भारतीय निशाने पर…खुला बड़ा राज !

गुरुग्राम में साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा होने के बाद एक बड़े चीनी सिंडिकेट की दिल्ली में नई साजिश का पर्दाफाश हुआ है। नई दिल्ली में एक किराए के मकान को टेलीफोन एक्सचेंज की तरह इस्तेमाल कर रोजाना 20,000 से अधिक फ्रॉड कॉल करने की तैयारी की जा रही थी।

गुरुग्राम साइबर पुलिस ने मंगलवार को दिल्ली में छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और इस अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। गिरफ्तार आरोपियों में दो चीनी मूल के व्यक्ति शामिल हैं, जो पिछले 15 वर्षों से भारत में शरणार्थी के रूप में रह रहे थे और चीनी सिंडिकेट के लिए काम कर रहे थे।

सेक्टर 28 से शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत गुरुग्राम के सेक्टर-28 स्थित एक बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर छापेमारी से हुई। यहां एक दंपति चीनी सिंडिकेट के लिए कॉलिंग सपोर्ट का काम कर रहा था। पुलिस ने मौके से तीन मोबाइल फोन बरामद किए।

जांच में सामने आया कि एक विशेष ऐप के जरिए 20 सिम कार्ड का उपयोग कर भारतीय नागरिकों को प्रतिदिन 3,000 से अधिक फ्रॉड कॉल की जा रही थीं।

इस दौरान पुलिस ने नागालैंड मूल की महिला कुंग पनमे को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसके पति कर्मा की संलिप्तता सामने आई।

मजनू का टीला से गिरफ्तारी
कर्मा की तलाश में दिल्ली में छापेमारी की गई। पुलिस ने कर्मा और उसके दो साथियों को मजनू का टीला के पास से गिरफ्तार किया। तीनों नेपाल भागने की फिराक में थे।

आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:

  • कर्मा – निवासी दीमापुर, नागालैंड
  • लोबसांग – निवासी मंडी जिला, हिमाचल प्रदेश
  • नवांग – निवासी कांगड़ा जिला, हिमाचल प्रदेश

पूछताछ में खुलासा हुआ कि लोबसांग और नवांग का जन्म चीन में हुआ था और वे पिछले 15 वर्षों से भारत में रह रहे थे।

‘वर्चुअल सिम बॉक्स’ से चलता था खेल
साइबर क्राइम के एसीपी प्रियांशु दीवान के अनुसार, आरोपियों ने अपने साथी टेसेगा नामक चीनी मूल के व्यक्ति के निर्देश पर गुरुग्राम में वर्चुअल सिम बॉक्स इंस्टॉल किए थे।

इन सिम बॉक्स के जरिए एक चीनी सिंडिकेट भारतीय नागरिकों को गेमिंग, निवेश (इन्वेस्टमेंट) और अन्य ऑनलाइन ठगी के लिए कॉल करता था।

दोनों आरोपी चीनी और ताइवानी भाषा में दक्ष हैं और प्रतिबंधित चीनी ऐप WeChat के माध्यम से टेसेगा के संपर्क में थे, जिसे भारत सरकार ने वर्ष 2020 में बैन कर दिया था।

दिल्ली में 20 मोबाइल फोन वाला ‘CPU सिस्टम’ लगाया गया
गुरुग्राम में नेटवर्क का भंडाफोड़ होने के बाद आरोपी दिल्ली में नया ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी में थे।

नवांग ने मजनू का टीला इलाके में एक घर किराए पर लिया था। नेपाल के रास्ते बस द्वारा दिल्ली भेजा गया एक विशेष रूप से डिजाइन किया गया ‘CPU जैसा सिस्टम’ वहां इंस्टॉल किया जाना था।

इस सिस्टम में मदरबोर्ड से जुड़े 20 रेडमी मोबाइल फोन लगे थे। यह सेटअप एक दिन में 20,000 से अधिक कॉल करने में सक्षम था। सिस्टम इंस्टॉल करने के लिए नवांग को एक लाख रुपये दिए गए थे और ऑपरेशन शुरू होने के बाद अतिरिक्त भुगतान का वादा किया गया था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से यह मोबाइल सिस्टम और एक लैपटॉप बरामद किया है।

जांच जारी
पुलिस अब इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, फंडिंग स्रोत और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है। प्रारंभिक जांच में यह मामला एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।

साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अनजान नंबरों से आने वाली निवेश या गेमिंग संबंधी कॉल से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें।

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