शनिवार को गुरुग्राम की एक अदालत ने आठ वर्षीय बच्चे से कुकर्म करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषी को कठोर सजा सुनाई।

एडिशनल सेशन जज जैस्मीन शर्मा की अदालत ने दोषी प्रेमचंद (निवासी खांदवा, जिला चुरू, राजस्थान) को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 506 के तहत दो वर्ष की कठोर कैद और ₹5,000 जुर्माना, वहीं पॉक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत पाँच वर्ष की कठोर कैद और ₹15,000 का जुर्माना लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएँ एक साथ चलेंगी।
मामला ऐसे आया सामने
यह मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित परिजनों ने थाना डीएलएफ सेक्टर-29, गुरुग्राम में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 और आईपीसी की धारा 506 के तहत मामला दर्ज किया।

जांच के दौरान पॉक्सो एक्ट की धारा 6 को संशोधित कर धारा 10 में बदला गया। गुरुग्राम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रेमचंद को गिरफ्तार किया और गहन जांच के बाद सभी आवश्यक साक्ष्य व गवाहों के बयान अदालत में प्रस्तुत किए।
कोर्ट का फैसला
पुलिस द्वारा प्रस्तुत चार्जशीट और सबूतों के आधार पर सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पर कठोर सजा और आर्थिक दंड लगाया।
