साइबर सिटी में हर वर्ष बढ़ती जलभराव की समस्या को लेकर केंद्रीय ऊर्जा, आवास और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने गुरुवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ विस्तृत मंथन किया। बैठक में नजफगढ़ ड्रेन की क्षमता और गुरुग्राम से पलवल वाया नूंह तक नई ड्रेन परियोजना पर चर्चा हुई।

साइबर सिटी, जो आईटी, टेलीकॉम, ऑटोमोबाइल, गारमेंट्स और मेडिकल हब के रूप में विश्व स्तर पर पहचान रखता है, हर साल वर्षा के मौसम में जलभराव की समस्या से जूझता है। पहले 100 एमएम बारिश होने पर शहर डूबता था, लेकिन अब केवल 30-40 एमएम वर्षा पर भी बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है। खासतौर पर दिल्ली-जयपुर हाईवे, गोल्फ कोर्स रोड, मेदांता अस्पताल के सामने अंडरपास, सुभाष चौक अंडरपास और हीरो होंडा चौक अंडरपास प्रभावित होते हैं।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कहा कि नजफगढ़ ड्रेन साइबर सिटी के वर्षा जल को यमुना तक पहुंचाने में पूरी तरह सक्षम नहीं है, और गुरुग्राम से पलवल वाया नूंह तक ड्रेन बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। नई ड्रेन से न केवल नजफगढ़ ड्रेन पर दबाव कम होगा बल्कि शहर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान भी मिलेगा।
मंत्री ने अधिकारियों को एक महीने के भीतर विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। इसमें ड्रेन के मार्ग का अध्ययन भौगोलिक परिस्थितियों और पानी के प्राकृतिक प्रवाह के अनुसार किया जाएगा। साथ ही, पहाड़ी क्षेत्रों में जल को लिफ्ट करने के विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा।
बैठक में प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि नई परियोजना से नूंह जिले में जल की उपलब्धता बढ़ेगी, और इसे खेती-बाड़ी में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। नजफगढ़ ड्रेन पर दबाव कम होने से साइबर सिटी में बाढ़ जैसी स्थिति से निजात मिलेगी।
बैठक में प्रधान सलाहकार शहरी विकास डीएस ढेसी, जीएमडीए के सीईओ श्यामल मिश्रा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक अमित खत्री, उपायुक्त अजय कुमार, पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा और नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मंत्री मनोहर लाल अगले 15 दिन के भीतर परियोजना की प्रगति की समीक्षा करेंगे और सभी सरकारी जलाशयों की स्थिति का भी अध्ययन करेंगे। उनका कहना है कि गुरुग्राम न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश का प्रमुख शहर है, इसलिए जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान जल्द सुनिश्चित करना आवश्यक है।
