गुरुग्राम-सोहना हाईवे के सीडी चौक पर बनाए जा रहे फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) का निर्माण स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए खतरा बनता जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण NHAI ने इसको लेकर गहरी चिंता जताई है और इसे MOU (समझौता पत्र) का उल्लंघन बताया है।

क्या है मामला?
पिछले साल गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने 16 करोड़ रुपये की लागत से शहर में चार स्थानों पर एफओबी बनाने की योजना बनाई थी। इसमें सीडी चौक और रहेजा मॉल के सामने एफओबी प्रस्तावित थे। हालांकि, एनएचएआई ने रहेजा मॉल के सामने प्रस्ताव को खारिज कर दिया, लेकिन 29 मई को सीडी चौक एफओबी के लिए NOC(अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी कर दी।
इसके बाद 3 जुलाई को NHAI और GMDA के बीच एमओयू साइन हुआ, जिसमें शर्त थी कि एफओबी का डिजाइन IIT से स्वीकृत होना चाहिए और निर्माण से पहले एनएचएआई को सौंपना होगा। लेकिन जीएमडीए ने न तो डिजाइन साझा किया, न ही इंतज़ार किया — और खुदाई का काम शुरू कर दिया।

क्या कहता है एनएचएआई?
एनएचएआई के परियोजना निदेशक योगेश तिलक ने जीएमडीए की मोबिलिटी शाखा को पत्र भेजकर कहा है कि निर्माण कार्य एमओयू की शर्तों का उल्लंघन है।
“फुटपाथ और बरसाती नाले को नुकसान पहुंचा है, जिससे मानसून में हादसे का डर है। सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं,” – पत्र में उल्लेख।
निर्माण में लापरवाही?
- एफओबी की लागत: लगभग ₹4 करोड़ प्रति यूनिट
- निर्माण अवधि: 18 महीने
- विशेष सुविधा: एस्केलेटर की व्यवस्था
ओल्ड दिल्ली रोड पर जीएमडीए ने एक और एफओबी निर्माण शुरू कर दिया है, जहां खुदाई के मलबे से दुकानों के आगे कीचड़ फैल गई है। बारिश में दुकानदारों की स्थिति और बदतर हो गई है।
मानसून और कांवड़ यात्रा से और बढ़ा खतरा
एनएचएआई ने खासतौर पर मानसून और कांवड़ यात्रा को देखते हुए चेतावनी दी है कि यह गड्ढा गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।
“कांवड़ियों और राहगीरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से फुटपाथ और नाले की मरम्मत हो।”
प्रशासन की प्रतिक्रिया
अरुण धनखड़, मुख्य अभियंता (जीएमडीए) ने कहा है कि—
“मोबिलिटी शाखा को निर्देश दिए जाएंगे कि निर्माणस्थल पर सुरक्षा के सभी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं और एमओयू की शर्तों के अनुसार काम किया जाए।”
