शहर की सड़कों की योजना, मरम्मत और निगरानी व्यवस्था को पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए गुरुग्राम नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। म्हारी सड़क पोर्टल के तहत नगर निगम क्षेत्र की सभी 17,627 सड़कों की GIS मैपिंग पूरी कर ली गई है। इस सर्वे का पूरा डेटा मैपिंग के लिए हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (HARSEC) को भेज दिया गया है।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल मैपिंग के बाद अब सड़कों की मौजूदा स्थिति, चौड़ाई, लंबाई, मरम्मत की जरूरत और भविष्य की योजना एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। इसके आधार पर शहर की सड़कों के सुधार और पुनर्निर्माण की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।
सोहना और पटौदी में भी 100% GIS सर्वे, जल्द शुरू होंगे सुधार कार्य
गुरुग्राम के साथ-साथ सोहना और पटौदी क्षेत्रों में भी शत-प्रतिशत GIS मैपिंग पूरी कर ली गई है। इन क्षेत्रों में भी अब सड़कों के सुधार कार्यों की तैयारी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि GIS डाटा से मनमानी और कागजी योजनाओं पर रोक लगेगी और विकास कार्य ज़मीनी जरूरत के हिसाब से होंगे।
निगमायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक, विकास कार्यों की हुई गहन समीक्षा
निगम कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय नगर निकायों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता निगमायुक्त एवं डीएमसी प्रदीप दहिया ने की। बैठक में गुरुग्राम जिले के सभी नगर निकायों में चल रहे सड़क, स्वच्छता, ड्रेनेज, कचरा प्रबंधन और मानसून पूर्व तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
इस दौरान अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी और रविंद्र यादव, संयुक्त आयुक्त नरेश कुमार, विशाल कुमार, रविंद्र मलिक, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, चीफ अकाउंट्स ऑफिसर विजय सिंगला, चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. आशीष सिंगला सहित गुरुग्राम, सोहना, पटौदी-जटौली मंडी और फर्रुखनगर के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सफाई व्यवस्था के लिए दीर्घकालिक टेंडर को मंजूरी
बैठक में बताया गया कि गुरुग्राम में फिलहाल डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और एमएसडब्ल्यू परिवहन गैप अरेंजमेंट के तहत संचालित किया जा रहा है। हालांकि, पांच वर्ष की स्थायी सफाई व्यवस्था के लिए टेंडर को मंजूरी मिल चुकी है और प्रक्रिया निविदा चरण में है।
- सोहना में पांच साल के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी, LOI जारी
- पटौदी में अंतरिम व्यवस्था के तहत कार्य जारी
- फर्रुखनगर में स्वीकृत एजेंसी के माध्यम से कचरा प्रबंधन सुचारू
सड़कों की मशीनी सफाई और झाड़ू कार्य को लेकर अधिकारियों ने स्थिति को संतोषजनक बताया। गुरुग्राम में इस कार्य के लिए नियुक्त एजेंसियों के अनुबंध वर्ष 2026 तक वैध हैं।
1200 CCTV कैमरों से कूड़ा फेंकने वालों पर सख्त नजर
शहर में अवैध कूड़ा डंपिंग रोकने के लिए 1200 CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है।
सिक्योरिटी सैनिटेशन फोर्स और कैमरों की मदद से अब तक:
- अवैध डंपिंग के 10 चालान
- ₹50,000 का जुर्माना वसूला गया
GMDA के CCTV कैमरों का कंट्रोल रूम जीएमडीए कार्यालय और सेक्टर-34 स्थित नगर निगम कार्यालय में संचालित है। अधिकारियों के अनुसार, बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति पर नजर रखने में भी कैमरे बेहद कारगर साबित हुए हैं। इसके अलावा बंधवाड़ी लैंडफिल और सेकेंडरी डंपिंग पॉइंट्स पर भी CCTV लगाए गए हैं।
ताजा और पुराने कचरे के निपटान पर तेज हुई प्रक्रिया
बैठक में कचरा प्रसंस्करण संयंत्रों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
- गुरुग्राम में ताजा कचरे के प्रसंस्करण के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी
- सोहना में 10 वर्ष के लिए प्रोसेसिंग एजेंसी चयन का प्रस्ताव उच्च स्तर पर लंबित
- पटौदी में स्टॉप-गैप व्यवस्था के तहत कार्य
- फर्रुखनगर में स्वीकृत एजेंसी द्वारा कचरा प्रसंस्करण जारी
फरवरी 2028 तक गुरुग्राम से खत्म होगा लीगेसी वेस्ट
पुराने कचरे (लीगेसी वेस्ट) के निस्तारण को लेकर अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में दो एजेंसियों को LOI जारी की जा चुकी है।
- फरवरी 2028 तक 100 प्रतिशत लीगेसी वेस्ट निस्तारण का लक्ष्य
- सोहना में यह कार्य 30 जून 2026 तक पूरा होगा
- पटौदी में लीगेसी वेस्ट का निस्तारण पहले ही पूरा किया जा चुका है
मानसून से पहले नालों की सफाई तेज, 350 किमी कार्य पूरा
मानसून के दौरान जलभराव से निपटने के लिए नालों की सफाई को प्राथमिकता दी गई है।
- गुरुग्राम में 473 किमी नालों में से लगभग 350 किमी की सफाई पूरी
- सोहना में सभी नालों की सफाई पूर्ण
- पटौदी और फर्रुखनगर में कार्य अनुमान और स्वीकृति के चरण में
दिसंबर 2026 तक स्ट्रे कैटल फ्री होगा शहर
बैठक में आवारा पशुओं और कुत्तों के प्रबंधन पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने दावा किया कि गुरुग्राम में बड़ी संख्या में बेसहारा पशुओं को गोशालाओं में भेजा जा चुका है और दिसंबर 2026 तक गुरुग्राम को स्ट्रे कैटल फ्री घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है।
