गुरुग्राम में अवैध निर्माण के खिलाफ अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने अपने अधीन आने वाले 42 गांवों में ड्रोन सर्वे कराने का फैसला लिया है। सर्वे में सामने आए अवैध निर्माणों पर नोटिस जारी किए जाएंगे और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 250 अवैध निर्माण चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें अधिकांश दुकानें और वेयरहाउस शामिल हैं।
हर महीने होगा ड्रोन सर्वे
जीएमडीए को सूचना मिली है कि कई गांवों में अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। साथ ही बिना अनुमति मकान, दुकान और वेयरहाउस बनाए जा रहे हैं।
इसी को रोकने के लिए अब हर महीने ड्रोन से निगरानी की जाएगी। ड्रोन सर्वे के बाद मौके पर निरीक्षण और जमीन की पैमाइश की जाएगी। जहां अवैध निर्माण पाए जाएंगे, वहां जमीन या मकान मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी होगा। 15 दिन में जवाब देना अनिवार्य होगा।
इन इलाकों में होगी कार्रवाई
ड्रोन सर्वे गुरुग्राम, मानेसर और फर्रुखनगर ब्लॉक के गांवों में किया जाएगा।
गुरुग्राम ब्लॉक
बुढेड़ा, साढराणा, चंदू, हमीरपुर, टीकली, अकलीमपुर, गैरतपुर बास, मांकडोला
मानेसर क्षेत्र
ग्वालियर, हसनपुर, बिनौला, बिलासपुर, पथरेड़ी, चांदला डूंगरवास, लांगड़ा, उदयपुरी, बाघनकी, खेड़की, सकतपुर
फर्रुखनगर ब्लॉक
सुल्तानपुर, कालियावास, सैदपुर मोहम्मदपुर, खूँटावास, धानावास, बाबरा बाकीपुर, ख्वासपुर, बासलांबी, खरखड़ी, मोकलवास, फकरपुर, सांपका, जमालपुर, ततारपुर, जटौला, जुडौला, ताजनगर, फाजिलपुर बादली, मुबारिकपुर, पातली हाजीपुर, इकबालपुर, झांझरौला और सरबसीपुर
सुल्तानपुर बर्ड सेंचुरी क्षेत्र में भी सख्ती
सुल्तानपुर बर्ड सेंचुरी के पांच किलोमीटर दायरे में बिना मंजूरी निर्माण प्रतिबंधित है। अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र में फार्म हाउस, होटल और ढाबों के अवैध निर्माण की शिकायतें मिली हैं। सर्वे के बाद इन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
सीएलयू लेकर करा सकते हैं निर्माण
जीएमडीए ने स्पष्ट किया है कि कृषि योग्य भूमि पर सीधे निर्माण नहीं किया जा सकता। निर्माण के लिए पहले सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) की अनुमति लेनी होगी और नक्शा स्वीकृत कराना होगा। नियमों के अनुसार निर्माण करने से भविष्य में तोड़फोड़ और आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है।
क्या बोले अधिकारी?
आरएस बाठ, डीटीपी, जीएमडीए ने कहा कि 42 गांवों में ड्रोन सर्वे का निर्णय लिया गया है। 250 अवैध निर्माण चिन्हित किए जा चुके हैं। नोटिस जारी किए जा रहे हैं और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
