गुरुग्राम और दिल्ली में बाइक शोरूम मालिकों के लिए सिरदर्द बना एक शातिर बदमाश आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। दिल्ली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 22 लाख रुपये से अधिक कीमत की 6 महंगी बाइक बरामद की हैं।

आरोपी की पहचान गुरुग्राम निवासी पुनीत के रूप में हुई है, जो बीबीए करने के बाद फिलहाल एमबीए की पढ़ाई कर रहा था। उसकी प्रोफेशनल पर्सनैलिटी और फर्राटेदार अंग्रेजी ही उसकी सबसे बड़ी ‘चाल’ बन गई थी।
ऐसे देता था वारदात को अंजाम
पुनीत शोरूम में खुद को एक जेन्युइन और हाई-प्रोफाइल ग्राहक के रूप में पेश करता था। फर्जी आईडी और आधार कार्ड के जरिए वह महंगी बाइक की टेस्ट ड्राइव लेता और फिर मौके से फरार हो जाता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले एक बाइक शोरूम में काम कर चुका है, जहां से उसे इस पूरे खेल का आइडिया मिला।
हाईवे किनारे शोरूम को बनाता था निशाना
पुनीत खास तौर पर ऐसे शोरूम चुनता था, जो हाईवे के पास हों, ताकि बाइक लेकर आसानी से भाग सके। उसने रॉयल एनफील्ड, यामाहा R15, बजाज पल्सर NS200 और होंडा CB350 जैसी कई महंगी बाइकों को अपना निशाना बनाया।
3 महीने में 40 लाख से ज्यादा की चोरी
जांच में सामने आया है कि पिछले तीन महीनों में आरोपी ने 9 महंगी बाइक चोरी कीं, जिनकी कुल कीमत 40 से 50 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है।
सोशल मीडिया पर बेचता था चोरी की बाइक
चोरी के बाद पुनीत इन बाइकों के फर्जी दस्तावेज तैयार करता था, जिसमें फेक RC, इंश्योरेंस और बिल ऑफ सेल शामिल होते थे। इसके बाद वह इन्हें फेसबुक मार्केटप्लेस, OLX और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर सस्ते दामों में बेच देता था।
वह खासतौर पर ऐसे ग्राहकों को टारगेट करता था, जो कम कीमत के लालच में ज्यादा जांच-पड़ताल नहीं करते।
GPS ने खोला पूरा खेल
लगातार हो रही चोरी से परेशान शोरूम मालिकों ने पुलिस के साथ मिलकर एक नई रणनीति बनाई। टेस्ट ड्राइव के लिए दी जाने वाली बाइकों में GPS ट्रैकर लगाना शुरू किया गया।
हाल ही में पुनीत ने 6.5 लाख रुपये की एक बाइक लेकर फरार होने की कोशिश की, लेकिन GPS के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक कर ली गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे दिल्ली के विजय विहार इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी दस्तावेज, कई मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद की है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और गुरुग्राम व दिल्ली में दर्ज अन्य मामलों में उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि अपराधी कितनी चालाकी से नई-नई तरकीबें अपना रहे हैं, लेकिन टेक्नोलॉजी की मदद से पुलिस भी उन्हें पकड़ने में सफल हो रही है।
