गुरुग्राम। सेक्टर-10 स्थित जिला सिविल अस्पताल में करीब 10 साल बाद एक बार फिर कैंसर मरीजों का इलाज शुरू होने जा रहा है। अस्पताल में बनाए जा रहे कैंसर डे केयर सेंटर का काम लगभग पूरा हो चुका है। प्रशासन इसे जनवरी के अंत तक शुरू करने की तैयारी में है।

अस्पताल में इलाज के लिए जरूरी मशीनें और मेडिकल उपकरण पहुंच चुके हैं। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को भी ट्रेनिंग दी जा चुकी है। जल्द ही AIIMS झज्जर की टीम निरीक्षण के लिए अस्पताल आएगी। निरीक्षण के बाद सेंटर में इलाज शुरू कर दिया जाएगा।
AIIMS झज्जर से रेफर मरीजों का होगा इलाज
कैंसर मरीजों को सबसे पहले कीमोथेरेपी का पहला सेशन AIIMS झज्जर में कराना होगा। इसके बाद AIIMS से रेफर किए गए मरीजों को सिविल अस्पताल के कैंसर डे केयर सेंटर में इलाज की सुविधा मिलेगी। इससे मरीजों को बार-बार झज्जर नहीं जाना पड़ेगा।
छह बेड का कैंसर डे केयर सेंटर
यह सेंटर छह बेड का होगा, जहां मरीजों को कीमोथेरेपी इन्फ्यूजन की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही मरीजों को काउंसलिंग, साइड इफेक्ट्स से राहत के उपाय और अन्य मेडिकल सपोर्ट भी दिया जाएगा।
कैंसर और दूसरी गंभीर बीमारियों की दवाएं कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे मरीजों पर आर्थिक बोझ कम पड़े।
सिविल अस्पताल में हो रही है कैंसर की जांच
जिला सिविल अस्पताल में फरवरी 2024 से हिस्टोपैथोलॉजी लैब संचालित हो रही है। यहां कैंसर की सरकारी स्तर पर जांच और बायोप्सी की सुविधा है।
हर महीने 10 से 15 मरीजों में कैंसर की पुष्टि हो रही है। इनमें ब्रेस्ट कैंसर और मुंह के कैंसर के मरीज अधिक हैं।
अब तक कैंसर की पुष्टि होने पर मरीजों को झज्जर या दिल्ली रेफर किया जाता रहा है, क्योंकि सिविल अस्पताल का कैंसर वार्ड वर्ष 2016 से बंद है।
डॉ. लोकवीर को CMO का अतिरिक्त चार्ज
जिले की CMO डॉ. अलका सिंह के रिटायरमेंट के बाद प्रशासन ने डॉ. लोकवीर को CMO का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। डॉ. लोकवीर पहले से ही जिला सिविल अस्पताल में PMO की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
डॉ. लोकवीर ने बताया कि,
“AIIMS झज्जर की टीम के निरीक्षण के बाद कैंसर डे केयर सेंटर शुरू कर दिया जाएगा। यहां केवल AIIMS से रेफर किए गए मरीजों का इलाज होगा। यह सुविधा गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी।”
