हरियाणा सरकार ने राज्यभर में कलेक्टर रेट (सर्किल रेट) में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। सभी जिलों में नई प्रस्तावित दरें सार्वजनिक कर दी गई हैं, जिनमें रेजिडेंशियल, कृषि और कॉमर्शियल जमीन के रेट में 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है।

1 अप्रैल से लागू हो सकती हैं नई दरें
प्रस्तावित कलेक्टर रेट 1 अप्रैल 2026 से लागू किए जाने की योजना है। हालांकि, इससे पहले आम लोगों को अपनी आपत्तियां और सुझाव देने का मौका दिया गया है।
नागरिक 30 मार्च 2026 तक शाम 4:30 बजे तक तहसील कार्यालय या जिला मुख्यालय में अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
गुरुग्राम में सबसे बड़ा उछाल
प्रदेश की साइबर सिटी गुरुग्राम में इस बार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
द्वारका एक्सप्रेस-वे से सटे बजघेड़ा गांव में कृषि और कॉमर्शियल जमीन के रेट में करीब 75% तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है।
बजघेड़ा में जमीन के रेट
मौजूदा रेट: ₹4.30 करोड़ प्रति एकड़
प्रस्तावित रेट: ₹7.53 करोड़ प्रति एकड़
यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर किसानों और जमीन मालिकों को प्रभावित करेगी।
आसपास के इलाकों में भी असर
सराय अलावर्दी: कृषि भूमि में 75% बढ़ोतरी प्रस्तावित
हिदायतपुर: रेजिडेंशियल रेट ₹27,500 से बढ़ाकर ₹48,125 प्रति गज
शाहपुर और सुखराली: रेजिडेंशियल रेट में भारी उछाल
कॉमर्शियल प्रॉपर्टी भी होगी महंगी
गुरुग्राम के प्रमुख इलाकों—
गोपाल नगर, अशोक विहार, सदर बाजार से भूतेश्वर मंदिर तक—कॉमर्शियल रेट में भी 75% तक वृद्धि का प्रस्ताव है।
इससे:
- प्रॉपर्टी रजिस्ट्री महंगी होगी
- स्टांप ड्यूटी का खर्च बढ़ेगा
- छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा
क्यों बढ़ाए जा रहे हैं रेट?
प्रशासन के मुताबिक, इन नई दरों को तय करने के पीछे मुख्य कारण हैं:
- बढ़ती प्रॉपर्टी डिमांड
- तेजी से हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
- बाजार मूल्य के साथ संतुलन
अभी भी है मौका
अगर आपको नई दरों पर कोई आपत्ति है, तो 30 मार्च तक सुझाव देना जरूरी है। इसके बाद सरकार अंतिम दरों को मंजूरी देगी।
