गुरुग्राम में सामने आए एक बड़े साइबर ठगी केस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने तीन ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जो साइबर ठगों को बैंक खाते बेचकर ठगी का पैसा घुमाने में मदद कर रहे थे।

3.5 करोड़ की ठगी से खुला राज
पूरा मामला तब सामने आया जब 12 मार्च को एक युवक ने शिकायत दी कि उसे निवेश का झांसा देकर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये ठग लिए गए।
जांच शुरू हुई… और फिर जो सामने आया, उसने पुलिस को भी चौंका दिया।
1 लाख में बिकता था बैंक खाता
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अपना बैंक खाता सिर्फ 1 लाख रुपये में बेच देते थे।इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठग बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए करते थे।
ऐसे चलता था पूरा खेल
हापुड़ के अर्जुन सिंह ने अपना बैंक खाता दिया. गाजियाबाद के मयंक सिंह और हर्ष शर्मा ने यह खाता आगे साइबर ठगों तक पहुंचाया. इसी खाते में ठगी के करीब 50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए. यानी ये आरोपी सीधे तौर पर ठगी के पैसे को सिस्टम में घुमाने की कड़ी बने हुए थे।
पुलिस रिमांड पर आरोपी
गुरुग्राम पुलिस ने मयंक और हर्ष को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। अब उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।
सिर्फ तीन नहीं… बड़ा नेटवर्क शक के दायरे में
पुलिस को आशंका है कि यह सिर्फ तीन लोगों का मामला नहीं, बल्कि इसके पीछे बड़ा साइबर गैंग सक्रिय हो सकता है।
जांच के दौरान और भी खातों और लोगों का खुलासा हो सकता है।
अगला कदम
आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं, पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इन खातों के जरिए कितनी और ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है।
