गुरुग्राम शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम गुरुग्राम (MCG) द्वारा जारी किया गया नया टेंडर अब अंतिम चरण में है। निगम के अधिकारियों के अनुसार, सितंबर के पहले सप्ताह में टेंडर को तकनीकी मूल्यांकन के बाद मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उम्मीद है कि सितंबर में ही इसकी स्वीकृति मिल जाएगी।

तीन जोन में बंटेगा शहर
अगले पांच साल के लिए तैयार किए गए इस नए टेंडर के तहत शहर को तीन जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन के लिए अलग-अलग एजेंसियों को काम सौंपने की तैयारी है।
| जोन | अनुमानित बजट |
| 1 | ₹122 करोड़ |
| 2 | ₹140 करोड़ |
| 3 | ₹160 करोड़ |
कुल मिलाकर 422 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मौजूदा व्यवस्था और दिक्कतें
नगर निगम ने पहले शहर को दो जोन में बांटकर टेंडर प्रस्ताव भेजा था, लेकिन बाद में इसमें संशोधन किया गया। मौजूदा समय में, 17 जून 2025 को बिमलराज आउटसोर्सिंग प्राइवेट लिमिटेड का पुराना वर्क ऑर्डर खत्म होने के बाद निगम ने अस्थायी रूप से चार एजेंसियों को छह महीने के लिए काम सौंपा है:
- जोन 1: वाईएलवी एसोसिएट्स
- जोन 2: आरएस इंटरप्राइजेज
- जोन 3: केएस मल्टीफेसिलिटी
- जोन 4: आर्मी डेकोरेटर्स
हालांकि, ये एजेंसियां कूड़ा उठान के लिए निर्धारित 400 गाड़ियां अब तक पूरी नहीं कर पाई हैं। इसके चलते कई जगह गारबेज वर्नेबल प्वाइंट पर कूड़े का ढेर लग गया है। इस समस्या से निपटने के लिए निगम को अलग से मशीनरी और ट्रैक्टर-ट्रॉली लगानी पड़ रही है।

5.5 लाख घर और प्रतिष्ठान
गुरुग्राम नगर निगम क्षेत्र में करीब 5.5 लाख घर और प्रतिष्ठान आते हैं। मौजूदा अव्यवस्था के कारण यहां डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की समस्या बढ़ गई है।
अधिकारियों का बयान
नगर निगम के एक्सईएन सुंदर श्योराण ने बताया:
“सितंबर में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर इसे मंजूरी के लिए मुख्यालय को भेज दिया जाएगा। इसके बाद नई एजेंसियों को काम सौंपा जाएगा, जिससे कूड़ा उठान व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जा सके।”
