गुरुग्राम एक बार फिर तकनीकी नवाचार का केंद्र बनकर उभरा है। शहर में देश का पहला पब्लिक ऑटोनामस डिलीवरी नेटवर्क लॉन्च किया गया है, जिसके तहत अब ड्रोन और रोबोट मिलकर बिना किसी इंसानी हस्तक्षेप के सीधे घर के दरवाजे तक सामान पहुंचाएंगे।

कंपनी का दावा है कि यह दुनिया का पहला फिजिकल एआई आधारित डिलीवरी सिस्टम है, जो पूरी तरह ऑटोमेटेड तरीके से काम करेगा। इसकी शुरुआत सोमवार को गुरुग्राम के सेक्टर-102 में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की गई।
कैसे काम करेगा सिस्टम?
इस डिलीवरी नेटवर्क में चार मुख्य हिस्से शामिल हैं – स्काई पोर्ट, स्काई शिप (ड्रोन), अराइव प्वाइंट और ऑटोबाट्स (रोबोट)।
सबसे पहले स्काई पोर्ट से ड्रोन उड़ान भरेंगे और ऑर्डर किया गया सामान लेकर निर्धारित अराइव प्वाइंट तक पहुंचेंगे। यहां एक स्मार्ट मेलबॉक्स (तिजोरी जैसे बॉक्स) ड्रोन से सामान रिसीव करेगा।
इसके बाद ऑटोबाट्स नामक छोटे रोबोट उस स्मार्ट बॉक्स से सामान लेकर सीधे ग्राहक के घर के दरवाजे तक पहुंचाएंगे।

ग्राहक के मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज आएगा। ओटीपी दर्ज करते ही रोबोट की ट्रे खुलेगी और सामान सुरक्षित तरीके से सौंप दिया जाएगा।
घर के अंदर भी चलेगा रोबोट
कंपनी के अनुसार, ये ऑटोबाट्स घरों के अंदर और बाहर दोनों जगह आसानी से मूव कर सकते हैं। लिफ्ट में जाने के दौरान भी इनका सर्वर कनेक्टेड रहेगा। इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर मानव हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होगी।
यह तकनीक तीन कंपनियों ने मिलकर विकसित की है:
- Sky Air Mobility
- Arrive AI
- Ottonomy Inc
अमेरिकी कंपनी द्वारा डिजाइन किए गए रोवर भारत में ही निर्मित किए गए हैं।
अधिकारियों ने क्या कहा?
लॉन्चिंग कार्यक्रम में Ankit Kumar (फाउंडर एवं सीईओ), Dan O’Toole और Ritukar Vijay ने कहा कि यह केवल सॉफ्टवेयर आधारित समाधान नहीं है, बल्कि वास्तविक दुनिया में काम करने वाला फिजिकल एआई सिस्टम है, जो शहरों में डिलीवरी का स्वरूप बदल देगा।
पहले से 65 सोसायटी में ड्रोन डिलीवरी
गुरुग्राम की 65 सोसायटी में कंपनी पहले से ड्रोन के माध्यम से डिलीवरी कर रही है। हालांकि पहले ड्रोन एक तय स्थान पर उतरता था और वहां से कर्मचारी सामान फ्लैट तक पहुंचाते थे।
अब नई तकनीक के जरिए पूरी प्रक्रिया को रोबोट आधारित बना दिया गया है।
मार्च में डीएलएफ से होगी औपचारिक शुरुआत
कंपनी के अनुसार, मार्च के पहले या दूसरे सप्ताह में डीएलएफ इलाके की एक सोसायटी से इस सिस्टम की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
इस पहल के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जहां ड्रोन और रोबोट मिलकर शहर स्तर पर ऑटोनामस डिलीवरी कर रहे हैं।
