नववर्ष पर ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ सख्ती के बीच गुरुग्राम पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। गुरुग्राम में INOX मॉल चौक पर लगाए गए ड्रिंक एंड ड्राइव नाके के पास ही एक पुलिस ASI ने नशे की हालत में विधायक मुकेश शर्मा के काफिले की पायलट स्कॉर्पियो गाड़ी को टक्कर मार दी। हादसे में स्कॉर्पियो चालक घायल हो गया।

घटना उस समय हुई जब शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक पर पुलिस द्वारा सघन वाहन जांच की जा रही थी। विधायक मुकेश शर्मा खुद काफिले की पिछली गाड़ी में मौजूद थे।
तेज रफ्तार, अचानक यू-टर्न और टक्कर
नाका प्रभारी रमेश की शिकायत के अनुसार ASI बलजीत सिंह अपनी निजी सफेद वेन्यू कार लेकर नाके पर पहुंचा था। कुछ देर बाद वह तीन अन्य पुलिसकर्मियों को कार में बैठाकर तेज रफ्तार में चला गया। सेक्टर 4/7 चौक पर अचानक यू-टर्न लेते समय उसकी गाड़ी रेलवे स्टेशन की ओर से आ रही विधायक के काफिले की पायलट स्कॉर्पियो से टकरा गई।

टक्कर इतनी तेज थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक को चोटें आईं।
नशे में धुत ASI, नंबर प्लेट भी नहीं थी पूरी
हादसे के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने पाया कि ASI बलजीत सिंह शराब के नशे में था। उसकी आंखें लाल थीं और वह लगातार अभद्रता कर रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि ASI की वेन्यू कार पर आगे की नंबर प्लेट लगी ही नहीं थी, जबकि पिछली प्लेट के अक्षर भी अधूरे थे। यह स्थिति तब है जब गुरुग्राम में नंबर प्लेट से छेड़छाड़ पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस कर्मियों के बीच हाथापाई, विधायक ने दी सूचना
आरोप है कि पायलट गाड़ी में सवार पुलिसकर्मियों ने जब ASI की लापरवाही का विरोध किया तो मामला हाथापाई तक पहुंच गया। स्थिति बिगड़ती देख विधायक मुकेश शर्मा को खुद गाड़ी से उतरकर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देनी पड़ी। इसके बाद नाका इंचार्ज मौके पर पहुंचे और किसी तरह हालात संभाले।
नए साल के पहले दिन पुलिसकर्मी पर FIR, चार सस्पेंड
मामले की गंभीरता को देखते हुए 1 जनवरी 2026 को आरोपी ASI बलजीत सिंह समेत चार पुलिस कर्मियों के खिलाफ नशे में वाहन चलाने, लापरवाही से ड्राइविंग और दुर्घटना करने की FIR दर्ज की गई। चारों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है और ASI की गाड़ी को कब्जे में ले लिया गया है।
ड्रिंक एंड ड्राइव पर जीरो टॉलरेंस
गुरुग्राम पुलिस पीआरओ के अनुसार नववर्ष पर ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई है। नियम तोड़ने पर पुलिसकर्मी भी कार्रवाई से नहीं बचेंगे।
यह घटना दिखाती है कि नशे में वाहन चलाना कितना खतरनाक हो सकता है, चाहे चालक आम नागरिक हो या वर्दी में तैनात पुलिसकर्मी।
