गुरुग्राम के डूंडाहेड़ा गांव में शुक्रवार रात एक ऐसी घटना हुई, जिसने एक बार फिर शहर में जर्जर मकानों की हकीकत उजागर कर दी। एक पुराने मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिसमें दबकर एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

मृतक की पहचान सतीश माली के रूप में हुई है, जो अपने दोस्त रवि झा के साथ किराये पर इस मकान में रह रहा था। यह मकान करीब 40 साल पुराना बताया जा रहा है और लंबे समय से जर्जर हालत में था।
परिजनों का आरोप है कि सतीश और उसके साथी कई बार मकान मालिक और केयरटेकर से छत की मरम्मत कराने की गुहार लगा चुके थे। बारिश के दौरान छत से पानी टपकता था, जिससे हादसे का खतरा लगातार बना हुआ था। इसके बावजूद न तो मरम्मत कराई गई और न ही उन्हें मकान खाली करने दिया गया।

शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे सतीश कमरे में खाना बना रहा था और उसका दोस्त रवि झा बर्तन साफ कर रहा था। तभी अचानक छत गिर गई और सतीश मलबे में दब गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

छत के साथ मकान का छज्जा भी नीचे गली में गिरा, जिसकी चपेट में आकर बाइक से गुजर रहे राहुल और उनकी पत्नी कीर्ति घायल हो गए।
सूचना मिलते ही उद्योग विहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। रवि झा की हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया है।
पुलिस ने मकान मालिक और केयरटेकर के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि आखिर शहर में जर्जर इमारतों पर कब कार्रवाई होगी।
