गुरुग्राम से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 19 वर्षीय युवती के साथ उसके लिव-इन पार्टनर ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे इलाज के लिए Safdarjung Hospital, नई दिल्ली में भर्ती कराया गया है।

शादी का झांसा देकर शोषण
पीड़िता गुरुग्राम की एक नामी यूनिवर्सिटी से बायोटेक की पढ़ाई कर रही है और मूल रूप से त्रिपुरा की रहने वाली है। पुलिस जांच के अनुसार, उसकी दोस्ती पिछले साल सितंबर में सोशल मीडिया ऐप के जरिए 19 वर्षीय आरोपी शिवम से हुई थी। कुछ समय बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और शादी के वादे के साथ वे सेक्टर-69 स्थित एक पीजी में लिव-इन में रहने लगे।
आरोप है कि आरोपी शादी का झांसा देकर युवती के साथ जबरन संबंध बनाता रहा और बाद में उस पर शक करने लगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर कहासुनी होती थी।
तीन दिनों तक लगातार प्रताड़ना
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने लगातार तीन दिनों तक उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। 16 फरवरी को झगड़े के बाद आरोपी ने बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि:
- स्टील की बोतल से सिर पर वार किया
- सिर को दीवार और फर्नीचर से टकराया
- मिट्टी का मटका सिर पर फोड़ा
- चाकू से पैर पर कई वार किए
- प्राइवेट पार्ट्स पर सेनिटाइजर डालकर आग लगा दी
- न्यूड वीडियो बनाए और जान से मारने की धमकी दी
पीड़िता के हाथ, पैर, मुंह और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। आरोपी ने धमकी दी कि वह उसे इतना मारेगा कि वह चल नहीं पाएगी और कभी मां नहीं बन सकेगी।
मां की सूझबूझ से बची जान
घटना के दौरान संयोग से पीड़िता की मां का फोन आया। फोन पर बेटी की चीखें सुनकर मां ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। बादशाहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरा अंदर से बंद मिला। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने पर पुलिस ने युवती को लहूलुहान हालत में पाया, जबकि आरोपी उसे पीट रहा था।
पुलिस प्रवक्ता संदीप तूरन के अनुसार, मामला दर्ज कर आरोपी शिवम को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इन धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115, 118(1), 118(2), 127(2), 69 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच जारी है।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना एक बार फिर रिश्तों में बढ़ती हिंसा और डिजिटल माध्यम से शुरू होने वाले संबंधों के खतरों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या शोषण की स्थिति में तुरंत पुलिस और परिवार को सूचित करना चाहिए।
यदि आप या आपका कोई परिचित घरेलू हिंसा या संबंधों में शोषण का शिकार है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या महिला हेल्पलाइन से संपर्क करें।
