गुरुग्राम: शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की मांग को देखते हुए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने भोंडसी से रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित नई मेट्रो लाइन की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने को मंजूरी दे दी है। यह मेट्रो लाइन करीब 17.09 किलोमीटर लंबी होगी और इसकी DPR राइट्स (RITES) द्वारा तैयार की जाएगी, जिसके लिए 1.41 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है।

यह फैसला गुरुवार को हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (HMRTC) की अहम बैठक में लिया गया, जिसमें राज्य में चल रही मेट्रो और नमो भारत परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
मेट्रो में बढ़ रहा लोगों का भरोसा
बैठक में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक गुरुग्राम की रैपिड मेट्रो में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच 1.74 करोड़ यात्रियों ने मेट्रो का इस्तेमाल किया, जो पिछले साल के 1.53 करोड़ के मुकाबले काफी ज्यादा है। यानी लगभग 13.55% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
खास बात यह रही कि जुलाई महीने में सबसे ज्यादा 22.93% की वृद्धि देखी गई। यह साफ संकेत है कि लोग अब निजी वाहनों से हटकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
कमाई में भी बड़ा उछाल
मेट्रो की आय में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है।
- किराया राजस्व में 12.64% की वृद्धि
- गैर-किराया आय (विज्ञापन आदि) में 108% का जबरदस्त उछाल
सरकार इसे अपनी ट्रांसपोर्ट पॉलिसी की सफलता मान रही है।
कई और बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम जारी
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में कई और मेट्रो और क्षेत्रीय परिवहन परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं:
- सेक्टर-56 से पचगांव तक मेट्रो लाइन पर DPR का अध्ययन जारी
- सेक्टर-36A के पास गांव सिंही में मेट्रो डिपो बनाने की योजना
- बल्लभगढ़ से पलवल मेट्रो विस्तार की व्यवहार्यता जांच
- बहादुरगढ़-आसौधा कनेक्टिविटी पर काम
- आसौधा में नया इंटरचेंज स्टेशन विकसित किया जाएगा
नमो भारत और RRTS को भी गति
गुरुग्राम-फरीदाबाद नमो भारत ट्रेन कॉरिडोर की अलाइनमेंट और स्टेशन लोकेशन फाइनल कर NCRTC को भेज दी गई है, और अब उसकी DPR तैयार की जा रही है।
इसके अलावा:
- दिल्ली-कुंडली मेट्रो विस्तार जल्द कैबिनेट में जाएगा
- दिल्ली-पानीपत-करनाल RRTS कॉरिडोर (136.3 किमी) की संशोधित DPR स्वीकृति के लिए भेजी गई
- दिल्ली-बावल RRTS कॉरिडोर को PIB से मंजूरी मिल चुकी है
क्या बदलेगा गुरुग्राम में?
इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में:
- ट्रैफिक जाम में कमी
- सफर का समय कम
- बेहतर कनेक्टिविटी
- आधुनिक और भरोसेमंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट
मिलने की उम्मीद है।
