गुरुग्राम में मंगलवार सुबह एक दुखद घटना सामने आई है। राव नरबीर सिंह के सरकारी बंगले के गार्ड रूम में तैनात पुलिस कॉन्स्टेबल जगबीर सिंह (49) ने आत्महत्या कर ली। दूसरे सहकर्मी ने उन्हें बेहोशी की हालत में पाया और तुरंत मंत्री तथा पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने जगबीर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक जगबीर झज्जर जिले के भूरावास गांव के निवासी थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उन्होंने जहर खाया था। फोरेंसिक टीम ने मंत्री की कोठी पर पहुंच कर गार्ड रूम से सैंपल लिए हैं।
जानकारी मिली है कि जगबीर का भतीजा चार माह पहले अपने ही गौत्र की लड़की को ले गया था। इस घटना के बाद गांव वालों ने पंचायत कर उनके परिवार का बहिष्कार कर दिया था। इस कारण जगबीर काफी परेशान थे। हाल ही में उन्होंने गांव जाकर माफी भी मांगी थी। भूरावास के सरपंच ने इस जानकारी की पुष्टि की है।

कोठी में ड्यूटी पर थे जगबीर सिंह
पुलिस के अनुसार, जगबीर सिंह राव नरबीर सिंह के बंगले के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। मंगलवार की रात, जब उनके सहकर्मी नियमित जांच के लिए गार्ड रूम पहुंचे, तो उन्हें जगबीर असामान्य स्थिति में मिले। सहकर्मी ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी।
जांच जारी
सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जगबीर ने आत्महत्या क्यों की। परिवार और सहकर्मियों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल सुसाइड नोट नहीं मिला है, इसलिए जांच को और गहराई से किया जा रहा है।
एसएचओ कृष्ण के अनुसार, घटना रात ढाई बजे की थी और सुबह पांच बजे सूचना मिली। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। जगबीर सिंह 1996 में आर्मी में भर्ती हुए थे और 2012 में आर्मी से रिटायर हुए। 2014 में उन्होंने हरियाणा पुलिस में सिपाही के रूप में सेवा शुरू की थी।
पुलिस ने फिलहाल परिजनों से कोई शिकायत नहीं मिली है और मामले की जांच जारी है।
