गुरुग्राम की अदालत ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी पिता को दोषी करार देते हुए 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित 16 वर्षीय किशोरी ने अपने इलाके की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पिता द्वारा किए गए दुष्कर्म की जानकारी दी। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की शिकायत पर सेक्टर-9 ए थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।

जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने को मजबूर किया
24 अगस्त 2023 को दर्ज शिकायत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि किशोरी ने कहा था कि उसके पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण वह लंबे समय तक चुप रही।
अकेलेपन का फायदा उठाकर किया अपराध
पीड़िता के अनुसार, जब वह घर में अकेली थी, तभी आरोपी पिता ने उसके साथ गलत हरकत की। विरोध करने पर आरोपी ने मारपीट की धमकी दी, जिससे किशोरी डर गई और खुद को बचा नहीं सकी।
पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 6 पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और गुरुग्राम में परिवार के साथ रह रहा था।
कोर्ट का सख्त रुख
मामले की सुनवाई करते हुए एडिशनल सेशन जज जैस्मीन शर्मा ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष की कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
