गुरुग्राम। एनसीआर में रोज़ाना जाम से जूझने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर है। हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत RRTS सह मेट्रो कॉरिडोर की घोषणा कर दी है। यह प्रोजेक्ट शुरू होते ही एनसीआर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

यह कॉरिडोर सीधे तौर पर गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ेगा।
रोज के जाम से राहत
गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड, सोहना रोड और दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर घंटों लगने वाला जाम अब कम हो सकता है।
इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद:
- निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ेगा
- सफर का समय घटेगा
14.5 किलोमीटर का इंटीग्रेटेड सेक्शन
परियोजना का अहम हिस्सा इफको चौक से ग्वाल पहाड़ी तक करीब 14.5 किलोमीटर का सेक्शन है।
इस रूट पर प्रमुख स्टेशन होंगे:
- इफको चौक
- सेक्टर 29
- सेक्टर 52
- वजीराबाद
- सेक्टर 57
- सेक्टर 58/61
इससे शहर के रिहायशी, व्यावसायिक और कॉरपोरेट क्षेत्र बेहतर तरीके से कनेक्ट होंगे।
मेट्रो से मेट्रो का कनेक्शन
यह कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन से जुड़ेगा। वहीं फरीदाबाद में यह वायलेट लाइन से कनेक्ट होगा।
यात्रियों को बिना ज्यादा बदलाव के दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के बीच सफर करने की सुविधा मिलेगी।
रियल एस्टेट में आएगा उछाल
जहां स्टेशन बनेंगे, वहां:
- प्रॉपर्टी की मांग बढ़ेगी
- कमर्शियल प्रोजेक्ट्स आएंगे
- रोजगार के अवसर बनेंगे
एनसीआर का निवेश माहौल और मजबूत होने की उम्मीद है।
फरीदाबाद को बड़ी राहत
फिलहाल गुरुग्राम और नोएडा से फरीदाबाद पहुंचना समय लेने वाला काम है। सड़क मार्ग पर वाहनों का भारी दबाव रहता है।
नई परियोजना से एनआईटी क्षेत्र, बाटा चौक और ग्रेटर फरीदाबाद को सीधा फायदा मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा।
