गुरुग्राम–पटौदी–रेवाड़ी हाईवे अब सिस्टम की सुस्ती की मिसाल, 3 साल बाद भी अधूरा

गुरुग्राम–पटौदी–रेवाड़ी हाईवे अब सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि सिस्टम की धीमी रफ्तार की पहचान बन चुका है। तीन साल की देरी के बावजूद यह 1000 करोड़ रुपये की परियोजना आज भी अधूरी पड़ी है। मार्च 2023 में पूरा होना था यह हाईवे, लेकिन अब तक करीब 80 प्रतिशत निर्माण ही हो पाया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बार फिर इसकी नई डेडलाइन 31 मार्च तय की है।

46 किलोमीटर लंबा हाईवे, 25 फ्लाईओवर, फिर भी अधूरा

करीब 46 किलोमीटर लंबे इस हाईवे का निर्माण वर्ष 2021 में शुरू हुआ था। यह सड़क गुरुग्राम को रेवाड़ी से जोड़ने का एक अहम मार्ग है। इस परियोजना के तहत 25 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जाने हैं, लेकिन कई जगह काम अब भी अधूरा पड़ा हुआ है।

गुरुग्राम में यह हाईवे द्वारका एक्सप्रेसवे के सेक्टर-84 के पास से शुरू होकर वजीरपुर गांव होते हुए मौजूदा गुरुग्राम–पटौदी–रेवाड़ी रोड से गुजरता है। निर्माण की धीमी रफ्तार के चलते रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को जाम, धूल और टूटी सड़कों से जूझना पड़ रहा है।

6 किलोमीटर का हिस्सा बना सबसे बड़ी रुकावट

द्वारका एक्सप्रेसवे से वजीरपुर गांव तक करीब 6 किलोमीटर का हिस्सा इस परियोजना की सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने बरसाती नाले को अब तक पूरी तरह नहीं तोड़ा है। नाले को आधा-अधूरा छोड़ देने के कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा।

इसके साथ ही जीएमडीए की सीवर लाइन और शोधित पानी की पाइपलाइन भी सड़क के बीच आ रही हैं। एनएचएआई पिछले तीन वर्षों से इन अवरोधों को हटाने के लिए जीएमडीए और एचएसवीपी से अनुरोध कर रहा है, लेकिन विभागों के बीच तालमेल की कमी के चलते समस्या जस की तस बनी हुई है।

वजीरपुर फ्लाईओवर भी अब तक पूरा नहीं

वजीरपुर गांव के पास बन रहे फ्लाईओवर का निर्माण कार्य भी समय पर पूरा नहीं हो सका है। फिलहाल इसका करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हुआ है, जबकि 30 प्रतिशत निर्माण अभी बाकी है। इसी तरह कई अन्य फ्लाईओवर और अंडरपास पर भी काम अधूरा पड़ा है।

वैकल्पिक मार्ग नहीं, जनता बेहाल

हाईवे निर्माण के दौरान वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना प्राधिकरण की जिम्मेदारी होती है, लेकिन इस मामले में एनएचएआई की लापरवाही साफ नजर आ रही है। वैकल्पिक सड़क न होने के कारण लोगों को संकरे और खराब रास्तों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

सवालों पर बचता नजर आया एनएचएआई

निर्माण में देरी को लेकर जब एनएचएआई अधिकारियों से जवाब मांगा गया तो पहले कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। बाद में परियोजना अधिकारी योगेश तिलक ने कहा—

“रेलवे ओवरब्रिज और द्वारका एक्सप्रेसवे पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर को छोड़कर मार्च माह तक गुरुग्राम–रेवाड़ी हाईवे तैयार हो जाएगा। रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवर को जून तक पूरा कर लिया जाएगा। बिजली की हाईटेंशन लाइन को स्थानांतरित किया जा रहा है।”

तीन साल की देरी, बार-बार बदली जा रही डेडलाइन और अधूरा निर्माण—अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह हाईवे तय समय में पूरा होगा या गुरुग्राम की जनता को अभी और इंतजार करना पड़ेगा।

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