शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय में फूड डिलीवरी और पिकअप–ड्रॉप सेवा देने वाली प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) डॉ. अर्पित जैन ने की।

बैठक में शहर में काम करने वाले सभी डिलीवरी पार्टनर्स, राइडर्स और ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी कर्मचारी बिना वेरिफिकेशन के ड्यूटी पर न लगाया जाए।
पुलिस ने यह भी कहा कि यदि किसी कर्मी की गलत या आपराधिक पृष्ठभूमि पाई जाती है, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाए और ऐसे व्यक्तियों को तुरंत सेवा से अलग किया जाए।
डॉ. जैन ने कंपनियों को अपने कर्मचारियों का रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट रखने और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने फूड डिलीवरी व कैब कंपनियों को विशेष सतर्कता बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि शहर की सुरक्षा बढ़ाने और अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है।
