हरियाणा में जैसे ही नए पुलिस महानिदेशक (DGP) ने कमान संभाली, वैसे ही पुलिस सिस्टम में हलचल तेज हो गई। गुरुग्राम इसका पहला बड़ा उदाहरण बना है। नए DGP के निर्देशों पर पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा ने एक साथ 22 थाना प्रभारियों (SHO) के तबादले कर दिए हैं। यह फैसला न सिर्फ बड़ा है, बल्कि साफ संकेत देता है कि अब पुलिसिंग में “स्टेटस को” नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस और ग्राउंड कंट्रोल को प्राथमिकता दी जाएगी।

यह तबादला आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और इसमें शहर के सबसे अहम और पॉश इलाकों के पुलिस थाने शामिल हैं।
पॉश इलाकों पर क्यों पड़ा सबसे ज्यादा असर?
गुरुग्राम के डीएलएफ, सुशांत लोक, पालम विहार, सेक्टर-53 और सेक्टर-65 जैसे इलाकों में हाल के महीनों में चोरी, स्नैचिंग, साइबर ठगी और संगठित अपराधों की शिकायतें लगातार बढ़ी हैं। हाई-राइज सोसायटी, कॉर्पोरेट ऑफिस और तेजी से बढ़ती आबादी ने अपराध के पैटर्न को पूरी तरह बदल दिया है।
पुलिस मुख्यालय का मानना है कि ऐसे इलाकों में थाने की कमान सही हाथों में होना सबसे जरूरी है, इसी वजह से इन क्षेत्रों के SHO सबसे पहले बदले गए हैं।
किन-किन थानों में बदली कमान?
- DLF फेज-1 थाना
यहां के SHO राजेश बागड़ी को सेक्टर-40 थाना भेजा गया है। उनकी जगह सुशांत लोक के SHO मनोज कुमार को DLF फेज-1 की जिम्मेदारी दी गई है। - सुशांत लोक थाना
मनोज कुमार के ट्रांसफर के बाद पुलिस लाइन से अमन कुमार को नया SHO नियुक्त किया गया है। - सेक्टर-65 थाना
अजय वीर को हटाकर रामबीर को SHO बनाया गया है। - DLF फेज-2 थाना
यहां के SHO मनोज को ट्रैफिक थाने में भेजा गया है। उनकी जगह लाइन ऑफिसर जितेंद्र को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जितेंद्र इससे पहले फर्रुखनगर थाने में SHO रह चुके हैं। - सेक्टर-53 थाना
मानेसर से सतेंद्र को यहां SHO लगाया गया है।
इसके अलावा मानेसर, सेक्टर-65 सहित करीब डेढ़ दर्जन थानों के SHO का ट्रांसफर किया गया है। कई अधिकारियों को पुलिस लाइन या अन्य जिलों में शिफ्ट किया गया है।
रूटीन ट्रांसफर या सख्त संदेश?
हालांकि पुलिस कमिश्नर कार्यालय इस पूरे फेरबदल को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बता रहा है, लेकिन पुलिस महकमे के अंदर इसे नए DGP का साफ और सख्त संदेश माना जा रहा है—
“लंबे समय तक एक ही थाने में जमे रहना अब आसान नहीं होगा।”
यह भी माना जा रहा है कि जिन इलाकों में अपराध नियंत्रण को लेकर शिकायतें ज्यादा थीं, वहां सबसे पहले बदलाव किया गया।
2026 एक्शन प्लान के तहत गुरुग्राम पर खास फोकस
हाल ही में हरियाणा के DGP ने 2026 के लिए एक विशेष एक्शन प्लान जारी किया है। इसमें साइबर क्राइम, ड्रग्स नेटवर्क और हिंसक अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की बात कही गई है।
गुरुग्राम में इसके तहत:
- STF और क्राइम ब्रांच को अलर्ट मोड पर रखा गया है
- थानों को रात की गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं
- CCTV निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया गया है
- RWA और सोसायटी मैनेजमेंट के साथ समन्वय बढ़ाने को कहा गया है
आगे और बदलाव संभव
पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में क्राइम ब्रांच, ट्रैफिक पुलिस और अन्य यूनिट्स में भी फेरबदल हो सकता है। नए DGP का फोकस साफ है—गुरुग्राम को अपराधियों के लिए सुरक्षित नहीं, बल्कि चुनौतीपूर्ण शहर बनाना।
