प्रदूषण पर वार या सिर्फ प्लान? गुरुग्राम में 300 सड़कों को धूलमुक्त करने का लक्ष्य

शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से नगर निगम गुरुग्राम ने वर्ष 2025-26 के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की है। इस योजना के तहत वर्ष 2026 तक शहर की 300 सड़कों को धूलमुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 3500 किलोमीटर सड़कों की नियमित मैकेनाइज्ड सफाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस संबंध में बृहस्पतिवार को नगर निगम कार्यालय में आयुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर तैयार वार्षिक कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

यह कार्य योजना केंद्र सरकार, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है। योजना में परिवहन, निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियां, सड़क धूल नियंत्रण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, हरित आवरण बढ़ाने और जन-जागरूकता जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

योजना के तहत शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। ई-बसों और सीएनजी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही नए ईवी चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी।

सड़कों का होगा पुनर्विकास

सड़क धूल को वायु प्रदूषण का बड़ा कारण मानते हुए मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों, पानी के छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन और सड़कों के पुनर्विकास की विस्तृत योजना बनाई गई है। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए सख्त प्रावधान लागू किए जाएंगे।

बसई स्थित सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के माध्यम से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में मलबे के निपटान और पुन: उपयोग की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा नए प्रसंस्करण संयंत्रों की योजना भी प्रस्तावित है, जिससे अवैध डंपिंग पर रोक लगाई जा सकेगी।

डंप साइट प्रबंधन पर फोकस

बंधवाड़ी डंप साइट पर पड़े लगभग 16 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे (लीगेसी वेस्ट) के निपटान के लिए चरणबद्ध योजना तैयार की गई है। लक्ष्य है कि मार्च 2028 तक डंप साइट को पूरी तरह साफ कर आधुनिक कचरा प्रसंस्करण सुविधाएं विकसित की जाएं।

एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम बढ़ेंगे

बैठक में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम की संख्या बढ़ाने पर भी सहमति बनी। सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने, सड़कों की बेहतर सफाई, सीएंडडी वेस्ट, बागवानी वेस्ट और धूल-मिट्टी के प्रभावी उठान के निर्देश दिए गए।

इस बैठक में जीएमडीए, एचएसवीपी, पुलिस विभाग, एचएसपीसीबी, पीडब्ल्यूडी, जीएमसीबीएल और नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।

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