खाली खजाने में आई जान! Gurugram में टैक्स वसूली ने किया कमाल

गुरुग्राम। खाली होता खजाना, बढ़ते खर्च और लगातार दबाव… इन सबके बीच नगर निगम गुरुग्राम ने ऐसा दांव चला कि 8 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में निगम ने 333 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है—और यह अभी अंत नहीं है।

8 साल बाद टूटा रिकॉर्ड
वित्त वर्ष 2025-26 में 26 मार्च तक ही निगम 333 करोड़ रुपये वसूल चुका है। इससे पहले 2017-18 में 332 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी, जो अब पीछे छूट गई है।
सबसे बड़ी बात—निगम ने इस साल सिर्फ 270 करोड़ का लक्ष्य रखा था, जिसे समय से पहले ही पार कर लिया गया।

350 करोड़ पार जाने की तैयारी
अधिकारियों का दावा है कि 31 मार्च तक यह आंकड़ा 350 करोड़ रुपये के पार जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह गुरुग्राम नगर निगम के इतिहास की सबसे बड़ी रिकवरी होगी।

कैसे बदली तस्वीर?
इस बार निगम ने सिर्फ नोटिस भेजने तक खुद को सीमित नहीं रखा।

  • डिजिटल रिमाइंडर से लोगों को लगातार अलर्ट किया गया
  • फील्ड में टीम उतारकर सर्वे और चेकिंग की गई
  • टैक्स दायरे से बाहर की प्रॉपर्टी को सिस्टम में जोड़ा गया

इसी का असर है कि बड़ी संख्या में नए टैक्सपेयर सामने आए।

खजाने को मिली ‘ऑक्सीजन’
पिछले कुछ समय से बढ़ते खर्च और कम आय के चलते निगम की आर्थिक हालत कमजोर हो रही थी।
अब 333 करोड़ की वसूली ने खजाने को राहत दी है—और आने वाले समय में विकास कार्यों को रफ्तार मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

अब डिफॉल्टर पर कड़ा एक्शन
निगम ने साफ संकेत दे दिए हैं—
जो टैक्स नहीं देगा, उसकी प्रॉपर्टी सील होगी।

200 करोड़ रुपये से ज्यादा की बकाया राशि अभी भी डिफॉल्टरों पर है और नए वित्त वर्ष में इन पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।

PG और कमर्शियल प्रॉपर्टी पर नजर
शहर में चल रहे 1200 से ज्यादा PG अब निगम के रडार पर हैं।
जांच में सामने आया है कि कई संचालक कमर्शियल गतिविधि के बावजूद आवासीय दरों पर टैक्स भर रहे हैं।

निगम ऐसे मामलों की जांच कर रहा है और जल्द ही कार्रवाई की तैयारी है।

₹333 करोड़ — अब तक की वसूली
₹350 करोड़+ — 31 मार्च तक अनुमान
₹270 करोड़ — तय लक्ष्य (पहले ही पार)
₹200 करोड़+ — डिफॉल्टर पर बकाया
1200+ — PG जांच के दायरे में

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