गुरुग्राम के सेक्टर-23 में शनिवार दोपहर मुख्य पानी की पाइप लाइन फटने से सात इलाकों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। प्रभावित इलाकों में सेक्टर-21, 22, 23, 23ए के साथ डूंडाहेड़ा, कार्टरपुरी और मौलाहेड़ा शामिल हैं।

स्थानीय निवासी पानी के लिए मजबूरी में टैंकर और बोतलबंद पानी पर निर्भर हैं। आरडब्ल्यूए ने कहा कि पिछले दो सालों से उन्होंने लगातार नगर निगम को शिकायतें दी थीं, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। उनका आरोप है कि नगर निगम के पास न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही इस काम को प्राथमिकता देने की इच्छाशक्ति।
घटना शनिवार दोपहर को सेक्टर-23 के बूस्टिंग स्टेशन पर हुई। पाइप लाइन फटते ही स्टेशन पानी में डूब गया और जीएमडीए ने बसई जल शोधन संयंत्र से पानी की सप्लाई रोक दी।
नगर निगम के मुख्य अभियंता विजय ढाका ने कहा, “पाइप लाइन की मरम्मत लगभग पूरी हो गई है। प्रभावित इलाकों में पानी की आपूर्ति जल्द बहाल कर दी जाएगी।”
हालांकि, स्थानीय लोग नाराज हैं और कहते हैं कि यह पहली बार नहीं है जब लापरवाही के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ी है। आरडब्ल्यूए ने सुझाव दिया है कि जल आपूर्ति की जिम्मेदारी नगर निगम से लेकर सीधे जीएमडीए को दे दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं न हों।
यह घटना नगर निगम की कार्यप्रणाली और नागरिकों की रोजमर्रा की परेशानियों पर एक बार फिर सवाल खड़ा कर देती है।
