गुरुग्राम के सेक्टर-85 स्थित पिरामिड हाइट्स सोसाइटी में बने निर्माणाधीन शिव मंदिर को गुरुवार को प्रशासन ने बुलडोज़र से ढहा दिया। कार्रवाई के लिए भारी पुलिस बल के साथ टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद मंदिर का ढांचा पूरी तरह गिरा दिया गया।
कार्रवाई देख भड़के निवासी, पुलिस ने संभाला मोर्चा
तोड़फोड़ शुरू होते ही सोसाइटी के कई निवासी मौके पर जमा हो गए और प्रशासन के फैसले का विरोध करने लगे। लोगों का कहना था कि मंदिर का निर्माण समाज के सहयोग से हो रहा था और किसी भी प्रकार की अराजकता नहीं थी।
पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और किसी तरह स्थिति शांत कराई।
निवासियों का आरोप – बिना सूचना और बातचीत के मंदिर गिराया
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि—
- मंदिर का निर्माण शांतिपूर्वक किया जा रहा था
- किसी अधिकारी ने न तो नोटिस दिया और न ही बातचीत की
- अचानक पुलिस व जेसीबी लाकर निर्माण को ढहा दिया गया
लोगों ने इसे धार्मिक भावना से जुड़े मुद्दे पर “एकतरफा कार्रवाई” बताया।
प्रशासन की सफाई – अनुमति नहीं, इसलिए कार्रवाई अनिवार्य
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि सोसाइटी परिसर में किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण करने से पहले नगर निगम या संबंधित विभाग से अनुमति लेना जरूरी है।
अधिकारियों के अनुसार—
निर्माण पूरी तरह अनधिकृत था। नियमों के मुताबिक ही कार्रवाई की गई है।
उच्च अधिकारियों से मुलाकात की तैयारी
मंदिर गिराए जाने से नाराज़ निवासी अब उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मंदिर निर्माण के लिए वैध रास्ता तलाशेंगे।
