सीवर हादसों पर लगेगा ब्रेक? गुरुग्राम में लागू होने जा रहा नया नियम

गुरुग्राम। शहर में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाले हादसों को रोकने और सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गुरुग्राम नगर निगम ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी कर्मचारी को सीवर या सेप्टिक टैंक में उतरने से पहले “सीवर एंट्री परमिट” लेना अनिवार्य होगा।

नगर निगम का कहना है कि यह कदम सीवर सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है। अगर कोई ठेकेदार या संस्था बिना परमिट और सुरक्षा उपकरणों के कर्मचारियों को सीवर में उतारती है, तो उसके खिलाफ FIR दर्ज करने के साथ-साथ एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

सीवर सफाई की मॉनिटरिंग के लिए बनाई जाएंगी दो नई यूनिट
सीवर सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए नगर निगम दो नई यूनिट बनाने जा रहा है। इनमें रिस्पॉन्सिबल सैनिटेशन अथॉरिटी (RSA) और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट (ERSU) शामिल हैं।

RSA यूनिट सीवर सफाई से जुड़े कामों की निगरानी करेगी, जबकि ERSU यूनिट आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी।

सीवर के लिए ‘फायर ब्रिगेड’ की तरह काम करेगी इमरजेंसी टीम
नगर निगम के मुताबिक, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट सीवर से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड की तरह काम करेगी। सीवर ब्लॉकेज, ओवरफ्लो या दुर्घटना की स्थिति में यह टीम तुरंत मौके पर पहुंचेगी और समस्या का समाधान करेगी।

इसके लिए 10 से 12 प्रशिक्षित कर्मचारियों की क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाई जाएगी, जो PPE किट और अन्य सुरक्षा उपकरणों से लैस होगी। इसके अलावा 24 घंटे मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी।

मशीनों से होगी सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई
नगर निगम ने सीवर सफाई के लिए मशीनों के इस्तेमाल को भी प्राथमिकता देने का फैसला किया है। जेटिंग मशीन, सक्शन मशीन और अन्य मैकेनाइज्ड उपकरणों की मदद से सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई की जाएगी, ताकि कर्मचारियों को खतरनाक परिस्थितियों में उतरने की जरूरत न पड़े।

मैनुअल स्कैवेंजिंग कराना कानूनन अपराध
नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया के अनुसार, मैनुअल स्कैवेंजर्स के तौर पर काम पर रोक और उनके पुनर्वास अधिनियम, 2013 के तहत हाथ से सीवर सफाई कराना या किसी व्यक्ति को बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर में भेजना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, जुर्माना, FIR और ब्लैकलिस्ट करने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।

RWA और संस्थानों से की अपील
नगर निगम ने शहर की RWA, संस्थानों और कमर्शियल प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई केवल अधिकृत और मशीन आधारित एजेंसियों से ही करवाएं। अगर कहीं भी हाथ से सीवर सफाई होती दिखाई दे तो इसकी जानकारी तुरंत नगर निगम प्रशासन को दें।

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