गुरुग्राम में स्वच्छता कार्यों को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सीवर सफाई के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आने पर नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया ने जूनियर इंजीनियर (JE) राहुल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?
सेक्टर-10ए में सीवर सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों का खुलेआम उल्लंघन किया गया। जांच में सामने आया कि मौके पर जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू नहीं किए गए थे। यह सीधे तौर पर कर्मचारियों की जान से खिलवाड़ माना गया।
पहले ही दी गई थी सख्त चेतावनी
नगर निगम द्वारा 29 जनवरी को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि सीवर सफाई के दौरान सभी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। इसमें शामिल थे:
- PPE किट का अनिवार्य उपयोग
- सीवर में उतरने से पहले सुरक्षा जांच (प्री-एंट्री प्रोटोकॉल)
- गैस डिटेक्शन सिस्टम
- उचित वेंटिलेशन व्यवस्था
- इमरजेंसी रेस्क्यू प्लान
साथ ही मशीनों से सफाई को प्राथमिकता देने और मैनुअल स्कैवेंजिंग पर पूर्ण प्रतिबंध के निर्देश भी दिए गए थे।
लापरवाही साबित, तुरंत सस्पेंशन
जांच रिपोर्ट में साफ हुआ कि JE राहुल ने इन निर्देशों को लागू नहीं किया। इसे गंभीर कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया गया।
आगे और अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
इस मामले में कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और संबंधित ठेकेदार की भूमिका भी जांच के दायरे में है। निगम सूत्रों के मुताबिक, इनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
सस्पेंशन के दौरान क्या नियम रहेंगे
निलंबन अवधि में JE राहुल का मुख्यालय चीफ इंजीनियर का कार्यालय रहेगा और बिना अनुमति वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
कमिश्नर का साफ संदेश
नगर निगम कमिश्नर ने दो टूक कहा है कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसी प्रतिबंधित गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
