गुरुग्राम जिले के बादशाहपुर इलाके में श्रीराम ढाबा के मैनेजर पर गोली चलाने के मामले में बुधवार को अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। एडिशनल सेशन जज सौरभ गुप्ता की अदालत ने दोषी अमन (निवासी गांव शामलो कलां, जिला जींद) को 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर कुल 85,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

15 जनवरी 2019 की रात हुई थी फायरिंग
यह घटना करीब साढ़े 5 साल पहले 15 जनवरी 2019 की है। उत्तराखंड के उद्यम सिंह नगर निवासी किशन लाल, जो श्रीराम ढाबा पर मैनेजर की नौकरी करता था, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह रात 8:46 बजे कैश काउंटर पर खड़ा था। तभी तीन युवक पिस्तौल लेकर आए और जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग में किशन लाल को एक गोली कोहनी में और दूसरी गोली पेट को छूते हुए लगी। जान बचाने के लिए वह तुरंत किचन की तरफ भाग गया।
6 दिन पहले हुआ था विवाद
किशन लाल ने बताया कि 9 जनवरी 2019 को तीन युवक शराब के नशे में ढाबे पर हंगामा कर रहे थे। जब मैनेजर ने उन्हें गाली-गलौज और शोर-शराबा करने से रोका, तो उन्होंने रंजिश में यह हमला कर दिया।
पुलिस कार्रवाई
मामले की शिकायत पर बादशाहपुर थाना पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की और जांच के बाद अमन को गिरफ्तार किया गया।
अदालत का फैसला
बुधवार को अदालत ने दोषी अमन को विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई—
• धारा 307 IPC : 10 साल की कठोर कारावास व ₹50,000 जुर्माना
• धारा 120B IPC : 6 माह की कैद व ₹10,000 जुर्माना
• धारा 25 शस्त्र अधिनियम : 3 साल की कैद व ₹25,000 जुर्माना
अदालत के इस फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने न्याय मिलने पर राहत की सांस ली।
