गुरुग्राम। रोज़ाना घंटों जाम में फंसने वाले शहरवासियों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। बढ़ते ट्रैफिक दबाव और खराब होती एयर क्वालिटी के बीच नगर निगम गुरुग्राम ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। लक्ष्य साफ है — दिसंबर 2026 तक शहर के 33 ट्रैफिक हॉटस्पॉट पर जाम खत्म करना।

क्या बदलेगा शहर में?
सिर्फ सिग्नल लगाने तक बात सीमित नहीं है। प्लान में शामिल है:
- अवैध कट और गैर-कानूनी रास्तों को बंद करना
- जरूरत के मुताबिक नए ट्रैफिक सिग्नल
- टूटी और संकरी सड़कों का दोबारा निर्माण
- ट्रैफिक फ्लो सुधारने के लिए इंजीनियरिंग आधारित बदलाव
करीब 600 किलोमीटर सड़कों का री-कंस्ट्रक्शन प्रस्तावित है।
6 फरवरी की अहम बैठक में बनी रणनीति
6 फरवरी को हुई हाई-लेवल मीटिंग में कई एजेंसियों ने मिलकर रोडमैप तैयार किया। इसमें शामिल रहे:
- नगर निगम गुरुग्राम
- गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण
- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
- जिला प्रशासन
- ट्रैफिक पुलिस
पहली बार टाइमलाइन आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा, ताकि काम फाइलों में अटका न रहे।
ये हैं शहर के सबसे बड़े जाम पॉइंट
जिन इलाकों को ‘क्रिटिकल ट्रैफिक जोन’ माना गया है, उनमें शामिल हैं:
- दिल्ली-जयपुर हाईवे
- सिग्नेचर टावर
- इफको चौक
- हुड्डा सिटी सेंटर
- खेड़की दौला टोल प्लाजा
- राजीव चौक
- NH-48
- मानेसर बस स्टैंड
- बादशाहपुर बस स्टैंड
- दौलताबाद फ्लाईओवर
- खांडसा मंडी
- सिरहौल बॉर्डर
इन जगहों पर पीक आवर में ट्रैफिक पूरी तरह रेंगने लगता है।
जाम कम होगा तो पॉल्यूशन भी घटेगा?
अधिकारियों का दावा है कि अगर ट्रैफिक स्मूद हुआ तो:
- गाड़ियों का आइडल टाइम घटेगा
- ईंधन की बर्बादी कम होगी
- कार्बन उत्सर्जन घटेगा
- शहर की एयर क्वालिटी बेहतर होगी
हालांकि बड़ा सवाल यह है कि क्या 2026 की डेडलाइन वाकई पूरी हो पाएगी या यह प्लान भी कागज़ों तक सीमित रहेगा?
